नैमिषारण्य–मथुरा रेल जोड़ो अभियान को लेकर समिति ने प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और मुख्यमंत्री को 112 किमी नई रेल लाइन बिछाने का विस्तृत प्रस्ताव भेजा है। सीतापुर-हरदोई-फर्रुखाबाद के माध्यम से मथुरा को जोड़ने वाला यह मार्ग तीर्थ पर्यटन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
हाइलाइट्स :
- नैमिषारण्य–मथुरा रेल जोड़ो अभियान पर समिति ने PM को भेजा विस्तृत प्रस्ताव
- 112 किमी नई रेलवे लाइन बिछाने की मांग
- नैमिषारण्य को काशी, अयोध्या, मथुरा व प्रयागराज जैसे वैश्विक तीर्थों से जोड़ने की योजना
- कई सांसद, मंत्री और संत पहले ही कर चुके हैं समर्थन
- नया रेल कॉरिडोर पूर्वी भारत से पश्चिमी भारत को जोड़ेगा
नैमिषारण्य–मथुरा रेल जोड़ो अभियान को नई गति मिली है। उत्तर प्रदेश की नैमिषारण्य–मथुरा रेल जोड़ो अभियान समिति ने प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और मुख्यमंत्री को 112 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाकर नैमिषारण्य को हरदोई होते हुए फर्रुखाबाद और फिर मथुरा से जोड़ने का विस्तृत प्रस्ताव भेजा है। समिति ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के पाँचों वैश्विक तीर्थों को एक-दूसरे से जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक कदम होगा।

समिति के अनुसार नैमिषारण्य भारत का प्राचीनतम तीर्थ है, लेकिन यह अभी तक न तो रेल मार्ग से पूरी तरह जुड़ा है और न ही अन्य प्रमुख तीर्थों से इसकी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी है। प्रस्ताव के मुताबिक सीतापुर-नैमिषारण्य से हरदोई और आगे फर्रुखाबाद तक रेल लाइन बढ़ाई जाए, जिसके बाद मथुरा व आगरा तक एक नया तीर्थ कॉरिडोर तैयार हो सकेगा।

समिति ने दावा किया कि इस अभियान को मथुरा की सांसद हेमा मालिनी, पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, मंत्री बृजेश पाठक, पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, कई सांसद-विधायक, जिलाध्यक्ष और अनेक संत-महात्माओं का समर्थन पहले ही मिल चुका है। कई स्तरों पर पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय, रेल मंत्रालय और राज्य सरकार को भेजे जा चुके हैं।

समिति का कहना है कि नई रेल लाइन से न केवल सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, मथुरा, आगरा समेत कई जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी बल्कि पूर्वी यूपी, बिहार, बंगाल और उत्तर-पूर्व से आने वाले तीर्थ यात्रियों को भी राहत मिलेगी। वर्तमान में इन जनपदों के लाखों लोगों को रेल यात्रा के लिए लखनऊ या बरेली होकर जाना पड़ता है, जिससे दूरी दोगुनी हो जाती है।

प्रस्ताव में बताया गया है कि नई रेल लाइन बनने से एक बड़ा नया रेलवे कॉरिडोर तैयार होगा जो गोरखपुर-बुढ़वल-सीतापुर-हरदोई-फर्रुखाबाद-कानपुर-आगरा-मथुरा होते हुए पश्चिमी व दक्षिण भारत के मार्गों को भी जोड़ देगा। इससे प्रमुख व्यस्त रूटों पर दबाव कम होने के साथ माल ढुलाई और यात्रियों दोनों को फायदा होगा।
समिति ने अनुरोध किया है कि इस परियोजना को आगामी बजट में शामिल किया जाए ताकि तीर्थ पर्यटन, धार्मिक यात्राओं, माल परिवहन और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिल सके।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल


















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































