अपर निदेशक ने किया वृहद गौशाला का निरीक्षण

राष्ट्रीय प्रस्तावना कछौना, हरदोई। दूध, गोबर, गौमूत्र, तालाब में मछली पालन से आर्थिक प्रगति से विकास खण्ड कछौना की ग्राम सभा बालामऊ में स्थित वृहद गौ-संरक्षण केंद्र माडल गौशाला बनी हैं।  इस मॉडल गौशाला का स्थलीय निरीक्षण अपर निदेशक पशुपालन बी०के० सिंह ने मंगलवार को किया। ग्राम पंचायत व पशुपालन के संयुक्त प्रयास की सराहना की, ग्राम पंचायत व पशु पालन विभाग के संयुक्त प्रयास से निराश्रित गौवंशों का संरक्षण, संवर्धन, पुष्ट प्रजनन दूध देने योग्य गौवंश के गोबर, गौमूत्र के उत्पादन, कंपोस्ट खाद, ईंधन की  व्यवस्था का अभिनव प्रयोग किया जा रहा है । इस मुहिम की शुरुआत कछौना की ग्राम सभा बालामऊ से की गई है ।  गौशाला में गौ-कास्ट मशीन लगाई गई है, जिसका संचालन महिला समूह द्वारा किया जाता है । इससे गौ-कास्ट (ईधन) तैयार किया जाता है। जो मार्केट में 400 रुपये प्रति कुंटल की दर से किया जाता हैं। जिससे गौशाला की अतिरिक्त आमदनी होती है। कंपोस्ट खाद भी तैयार की जाती है। गायों को जननांगों व शारीरिक परीक्षण व पौष्टिक आहार देकर प्रजनन के योग्य बनाया जाता है । विशेष सीमेन के द्वारा बछिया प्रसव ( पैदा) की जाती है, इस सीमेन की मदद से बछड़ों के जन्म को रोकना है । वृहद गौशाला में डेढ़ एकड़ भूमि में तालाब है। जिसमें पशुओं को पेयजल के साथ, मछली पालन किया जाता है। हरा चारा बोने के लिए ग्राम सभा में पशुचर की भूमि का चिन्हांकन कर शुरुआत की जा रही है। ग्राम पंचायत व पशुपालन के संयुक्त प्रयास से पशुपालन के संरक्षण के साथ अतिरिक्त आमदनी का माध्यम बन रही है। वृहद गौशाला मॉडल गौशाला बन गई है। वर्तमान समय में गौशाला में 330 गौवंश संरक्षित हैं। अपर निदेशक ने निरीक्षण के दौरान अधीनस्थ कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिये और कहा आप अपने कार्यों तक सीमित न रहे। जमीनी स्तर पर अच्छे होने चाहिए । निरीक्षण के दौरान जिला  पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ० आशुतोष सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी कछौना डॉ० आशीष कुमार, डॉक्टर अश्वनी गौतम, ग्राम सचिव राजेश त्यागी, महिला समूह आदि कर्मी मौजूद रहे ।

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