आठवां वेतन आयोग: ₹54,000 न्यूनतम वेतन और पुरानी पेंशन पर ड्राफ्टिंग कमेटी की बड़ी बैठक

आठवां वेतन आयोग की ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक नई दिल्ली में शुरू। ₹54,000 न्यूनतम वेतन, 3.25 फिटमेंट फैक्टर, 7% वार्षिक इंक्रीमेंट और पुरानी पेंशन बहाली पर चर्चा।” पढ़ें पूरा अपडेट।

हाइलाइट्स:

  • नई दिल्ली में 8वें वेतन आयोग की ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक शुरू
  • ₹54,000 न्यूनतम वेतन और 3.25 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव
  • वार्षिक इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 7% करने की मांग
  • पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली पर जोर
  • 1.2 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। आठवें वेतन आयोग को लेकर प्रक्रिया अब तेज हो गई है। नई दिल्ली में National Council (JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक शुरू हो चुकी है। बैठक का उद्देश्य वेतन संरचना, भत्तों और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर एक साझा ज्ञापन (कॉमन मेमोरेंडम) तैयार करना है, जिसे आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

आयोग की कार्यवाही को मिली रफ्तार

जनपथ स्थित चंद्रलोक बिल्डिंग में आयोग को कार्यालय आवंटित किए जाने के बाद से आधिकारिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आठवें वेतन आयोग की अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। ड्राफ्टिंग कमेटी एक सप्ताह तक विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव लेकर अंतिम मसौदा तैयार करेगी।

करीब 1.2 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए यह मसौदा व्यापक और संतुलित रखने पर जोर दिया जा रहा है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

1. 3.25 फिटमेंट फैक्टर और ₹54,000 न्यूनतम वेतन

कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.25 करने की है। इसके आधार पर न्यूनतम मूल वेतन 54,000 रुपये तय करने का प्रस्ताव रखा गया है। मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और महंगाई दर को देखते हुए इसे आवश्यक बताया जा रहा है।

2. सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 7%

वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को प्रतिवर्ष तीन प्रतिशत वेतन वृद्धि मिलती है। केंद्रीय कर्मचारी महासंघ ने इसे बढ़ाकर सात प्रतिशत करने या साल में दो बार इंक्रीमेंट का लाभ देने का सुझाव दिया है।

3. पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली

नई पेंशन प्रणाली (NPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग इस बैठक का प्रमुख मुद्दा है। यूनियनों का तर्क है कि OPS कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करती है।

4. मेडिकल और लीव एन्कैशमेंट में बढ़ोतरी

जहां Central Government Health Scheme (CGHS) की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस 1,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग रखी गई है।
साथ ही, लीव एन्कैशमेंट की सीमा 300 दिनों से बढ़ाकर 400 दिन करने का प्रस्ताव है।

आर्थिक प्रभाव और आगे की राह

यदि इन मांगों को स्वीकृति मिलती है, तो केंद्र सरकार के राजकोष पर बड़ा वित्तीय प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इससे उपभोक्ता मांग बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

ड्राफ्टिंग कमेटी द्वारा तैयार संयुक्त ज्ञापन आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा। इसके बाद अंतिम सिफारिशें केंद्र सरकार को भेजी जाएंगी।

अब देशभर के लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारियों की निगाहें केंद्र सरकार पर टिकी हैं कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर अंतिम फैसला कब और किस रूप में सामने आता है।

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