मकानों की दरारों की जांच के लिए जिलाधिकारी को सौंपा पत्र

राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क औरैया। नगर पंचायत फफूंद में मकानों में लगातार बढ़ रही दरारों,चटकन को लेकर स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल है। इस गंभीर मुद्दे को संज्ञान में लेते हुए सामाजिक कार्यकर्ता और सभासद प्रतिनिधि नगर पंचायत फफूंद आसिफ राईन ने इस समस्या की वैज्ञानिक जांच की मांग की है। उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित एक पत्र एसपी औरैया को सौंपकर इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने और आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों के साथ-साथ भू-गर्भ विभाग से जांच कराने का अनुरोध किया है।आसिफ राईन ने अपने पत्र में बताया कि फफूंद नगर पंचायत क्षेत्र के आधा सैकड़ा के करीब मकानों में पिछले कुछ समय से दरारें देखी जा रही हैं, जिससे न केवल स्थानीय निवासियों में भय का माहौल है,बल्कि उनकी संपत्ति को भी नुकसान का खतरा बढ़ गया है।उन्होंने इस समस्या के पीछे संभावित भू-गर्भीय कारणों, जैसे भूजल स्तर में बदलाव, मिट्टी की अस्थिरता, या अन्य पर्यावरणीय कारकों की आशंका जताई है।जिलाधिकारी को प्रेषित पत्र एसपी को सौंपा गया पत्र। आसिफ राईन के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए फफूंद थाना दिवस के मौके पर थाना फफूंद पहुंचकर समस्या से अवगत कराते हुए एक विस्तृत पत्र सौंपा। पत्र में मांग की गई कि इस मामले की गहन जांच के लिए प्प्ज् कानपुर के विशेषज्ञों और भू-गर्भ विभाग की एक संयुक्त टीम गठित की जाए। आसिफ ने कहा, ष्हमारी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और उनकी संपत्ति का संरक्षण है। इन दरारों के कारणों का पता लगाना और भविष्य में होने वाले नुकसान को रोकना अत्यंत आवश्यक है।ष्निवासियों में बढ़ रही चिंता स्थानीय निवासियों का कहना है कि मकानों में दरारें न केवल उनकी आर्थिक स्थिति पर बोझ डाल रही हैं, बल्कि भूकंप या अन्य प्राकृतिक आपदा की आशंका को भी बढ़ा रही हैं। कई परिवारों ने बताया कि उनके घरों की दीवारों में छोटी-छोटी दरारें समय के साथ गहरी और चौड़ी हो रही हैं, जिससे उनकी नींद उड़ गई है।वैज्ञानिक जांच की जरूरत आसिफ राईन ने जोर देकर कहा कि इस समस्या का समाधान तभी संभव है जब इसकी वैज्ञानिक जांच हो। उन्होंने प्प्ज् कानपुर के भू-विज्ञान और सिविल इंजीनियरिंग विभाग की विशेषज्ञता पर भरोसा जताया, जो इस तरह के मामलों में पहले भी महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं। साथ ही, भू-गर्भ विभाग की सहायता से मिट्टी और भूजल की स्थिति का विश्लेषण कर इस समस्या की जड़ तक पहुंचा जा सकता है। जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के तौर थाना दिवस में उपस्थित पुलिस अधीक्षक औरैया का आश्वासन पत्र प्राप्त करने के बाद इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर संबंधित नगर पंचायत फफूंद के अधिशाषी अधिकारी, लेखपाल,की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजा जिसमें मोहल्ला भराव,महाजनान,ऊंचाटीला आदि में पहुंचकर मकानों की स्थिति को देखा जाएगा विशेष सामाजिक कार्यकर्ता की सक्रियता आसिफ राईन लंबे समय से फफूंद और आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने इससे पहले भी कई सामाजिक और मुद्दों को उठाकर समाधान की दिशा में काम किया है। उनकी इस पहल को स्थानीय निवासियों ने सराहा है और उम्मीद जताई है कि इस बार भी उनकी मांग पर गंभीरता से कार्रवाई होगी।आगे की राह इस मामले में अगला कदम विशेषज्ञों की टीम का गठन और क्षेत्र का दौरा होगा। जांच के नतीजों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मकानों में दरारों का कारण भू-गर्भीय है या कोई अन्य कारक जिम्मेदार है। तब तक स्थानीय निवासियों को प्रशासन से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद है। इस दौरान तहसीलदार सदर रणवीर सिंह, एसओ फफूंद, लेखपाल व स्थानीय पत्रकार मौजूद रहे।

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