“Afghanistan-Pakistan War Update में पाकिस्तान ने दावा किया है कि ऑपरेशन गजब-लिल-हक के तहत 89 अफगान चौकियां नष्ट की गईं और 297 तालिबान लड़ाके मारे गए। 18 पोस्ट पर कब्जे का भी दावा।” पढ़ें पूरी रिपोर्ट…
हाइलाइट्स:
- Afghanistan War Update: 89 चौकियां नष्ट करने का दावा
- 18 पोस्ट पर पाक सेना का कब्जा
- 297 तालिबान लड़ाके मारे जाने की बात
- 135 टैंक और बख्तरबंद वाहन तबाह
- 29 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक
- अमेरिका ने दिया समर्थन का संकेत
इस्लामाबाद। Pakistan और Afghanistan के बीच जारी सैन्य टकराव ने गंभीर रूप ले लिया है। पाकिस्तानी सूचना मंत्री Attaullah Tarar ने दावा किया है कि चल रहे अभियान में अफगान तालिबान और उससे जुड़े आतंकी समूहों के 297 लड़ाके मारे गए, जबकि 450 से अधिक घायल हुए हैं।
मंत्री के अनुसार, ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ के तहत पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की 89 चौकियों को नष्ट कर दिया और 18 अन्य पर कब्जा कर लिया है। इसके अलावा लगभग 135 टैंक और बख्तरबंद वाहन भी तबाह करने का दावा किया गया है। पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के भीतर 29 स्थानों को निशाना बनाया।
सीमा पर 53 जगहों पर हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अफगानिस्तान की ओर से सीमा पर एक साथ 53 स्थानों पर हमले किए गए, जिसके बाद पाकिस्तान ने व्यापक जवाबी कार्रवाई शुरू की।
उन्होंने अफगान तालिबान शासन से साफ शब्दों में कहा कि उसे पाकिस्तान और आतंकी संगठनों के बीच चुनाव करना होगा। उनके मुताबिक, अफगान धरती का इस्तेमाल Tehrik-i-Taliban Pakistan (टीटीपी), Baloch Liberation Army, Islamic State और Al-Qaeda जैसे संगठनों द्वारा किया जा रहा है।
ट्रंप ने पाकिस्तान का समर्थन किया
इस बीच, Donald Trump ने सार्वजनिक बयान में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और पाकिस्तानी सेना प्रमुख Asim Munir की तारीफ की। ट्रंप ने कहा कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो अमेरिका हस्तक्षेप के लिए तैयार है।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका का यह रुख क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित कर सकता है, खासकर तब जब पश्चिम एशिया में पहले से तनाव बढ़ा हुआ है।
तालिबान पर आतंकी समूहों को पनाह देने का आरोप
पाकिस्तान लंबे समय से अफगान तालिबान पर आरोप लगाता रहा है कि वह टीटीपी और अन्य संगठनों को पनाह, प्रशिक्षण और रसद उपलब्ध कराता है, जिससे पाकिस्तान के भीतर हमले बढ़े हैं।
हालांकि, अफगान तालिबान इन आरोपों से इनकार करता रहा है और सीमा पार कार्रवाई को “आक्रामकता” करार देता है।
यूएन और वैश्विक समुदाय की अपील
सीमा पर बढ़ते सैन्य टकराव के बीच संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने संयम बरतने और वार्ता के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच यह संघर्ष और बढ़ता है तो यह पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
स्थिति लगातार बदल रही है और दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं। आने वाले दिनों में क्षेत्रीय हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।
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