AI समिट हंगामा: ग्वालियर से पांचवां आरोपी गिरफ्तार

AI Summit Protest Case में दिल्ली के भारत मंडपम में हुए हंगामे को लेकर दिल्ली पुलिस ने ग्वालियर (मध्य प्रदेश) से पांचवें आरोपी जितेंद्र यादव को गिरफ्तार किया। साजिश और संगठित योजना के एंगल से जांच तेज।

हाइलाइट्स:

  • भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान हुआ था हंगामा
  • ग्वालियर से जितेंद्र यादव गिरफ्तार
  • चार आरोपी पहले ही पांच दिन की रिमांड पर
  • परिवार ने देर रात गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
  • साजिश और संगठित योजना की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस

नई दिल्ली। राजधानी के Bharat Mandapam में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन मामले में जांच का दायरा अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। Delhi Police ने ग्वालियर से जितेंद्र यादव नामक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वह समिट के दौरान हुए हंगामे में शामिल था और उसकी भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।

ग्वालियर से गिरफ्तारी, दिल्ली लाया गया आरोपी

दिल्ली पुलिस की एक टीम हाल ही में Gwalior पहुंची थी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से जितेंद्र यादव को उसके घर से हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए दिल्ली लाया गया।

जांच एजेंसियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और अन्य इनपुट के आधार पर उसके विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के संकेत मिले थे। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है।

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि एआई समिट के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी अचानक कार्यक्रम स्थल के पास पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। आरोप है कि विरोध जताने के लिए असामान्य तरीके अपनाए गए, जिससे कुछ समय के लिए आयोजन स्थल पर अफरातफरी की स्थिति बन गई थी।

सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया था। इससे पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अब तक इस मामले में यह पांचवीं गिरफ्तारी है।

परिवार ने उठाए सवाल

जितेंद्र यादव के परिजनों ने देर रात गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस बिना पर्याप्त जानकारी दिए उसे साथ ले गई। हालांकि पुलिस अधिकारियों का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।

साजिश के एंगल से जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। इसलिए पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है।

जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विरोध-प्रदर्शन अचानक हुआ या इसके पीछे कोई संगठित योजना थी। पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने और सार्वजनिक शांति भंग करने से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य लोगों की पहचान भी हो सकती है। फिलहाल तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और आयोजकों से मिली जानकारी के आधार पर जांच तेज कर दी गई है।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पांचवीं गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क और संभावित साजिश के एंगल पर फोकस कर रही हैं। आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे हो सकते हैं।

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