भीमकुंड महंत संकीर्णाचार्य जी महाराज ने की आत्महत्या

“भीमकुंड महंत संकीर्णाचार्य जी महाराज ने एसपी ऑफिस, थाने और डीएम कार्यालय में शिकायतें देने के बावजूद समाधान न मिलने पर आत्महत्या कर ली। संकीर्णाचार्य जी महाराज का दाह संस्कार और अंतिम क्रिया-कर्म प्रशांत आचार्य जी ने ही किया। “

मध्य प्रदेश। मध्यप्रदेश के भीमकुंड क्षेत्र में महंत संकीर्णाचार्य जी महाराज जी की आत्महत्या ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डाल दिया है। बताया गया कि घटना के समय प्रशांत आचार्य मौके पर उपस्थित नहीं थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी पीड़ा और समस्याओं को कई स्तरों पर उठाया।

प्रशांत आचार्य जी ने क्रमशः एसपी कार्यालय, स्थानीय थाना और जिला कलेक्टर (DM) कार्यालय में लिखित शिकायतें देकर मदद की गुहार लगाई थी। हालांकि, स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, उनकी शिकायतों पर किसी भी स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासनिक उपेक्षा और समाधान न मिलने की स्थिति ने उन्हें मानसिक रूप से बेहद प्रभावित किया।

लगातार परेशानी और अधिकारियों से राहत न मिलने के कारण, अंततः संकीर्णाचार्य जी महाराज ने आत्महत्या कर ली। उनकी मृत्यु के बाद क्षेत्र में गहरा दुख और आक्रोश दोनों देखा गया। लोगों का कहना है कि यदि समय पर सुनवाई होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था।

संकीर्णाचार्य जी महाराज के दाह संस्कार और अंतिम क्रिया-कर्म की जिम्मेदारी भी प्रशांत आचार्य जी ने ही निभाई थी। वे अपने गुरु के प्रति समर्पित और करीबी शिष्यों में गिने जाते थे। उनकी असमय मृत्यु ने धार्मिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में चिंतन खड़ा कर दिया है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल।

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