बलिया में BSP विधायक उमाशंकर सिंह पर IT रेड जारी, रिकॉर्ड खंगाल रही टीम

बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के बलिया स्थित आवास पर आयकर विभाग की कार्रवाई जारी। छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़े दस्तावेजों की जांच, नगदी बरामदगी की चर्चा और कैग रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की संभावना से राजनीतिक हलचल तेज।

हाइलाइट्स :

  • बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के बलिया आवास पर आयकर विभाग की कार्रवाई जारी।
  • छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की जांच।
  • विधायक और बेटे के लखनऊ में होने से कुछ कमरे बंद।
  • नगदी बरामदगी और कैग रिपोर्ट के आधार पर जांच की चर्चा।
  • क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज।

बलिया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक उमाशंकर सिंह के नगरा क्षेत्र स्थित खनवर गांव के आवास पर आयकर विभाग की कार्रवाई गुरुवार को भी जारी रही। बुधवार सुबह शुरू हुई छापेमारी देर रात तक चली और दूसरे दिन भी जांच टीम दस्तावेजों की पड़ताल में जुटी रही। इस कार्रवाई से पूरे जनपद में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के रिकॉर्ड खंगाले

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की टीम छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़े वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। कंपनी के कार्यालय, विधायक के नए और पुराने आवास तथा परिसर के अन्य हिस्सों में अधिकारी लगातार आवाजाही करते देखे गए। टीम के सदस्य महत्वपूर्ण फाइलों और रिकॉर्ड को खंगालते रहे।

बताया जा रहा है कि विधायक और उनके पुत्र युकेश सिंह के लखनऊ में होने के कारण उनके कमरे बंद हैं। जांच अधिकारी संबंधित कमरों को खुलवाने की प्रक्रिया में जुटे हैं। बुधवार देर रात टीम विधायक के लखनऊ स्थित आवास से लौट आई थी। संभावना जताई जा रही है कि परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में आगे की जांच प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

नगदी बरामदगी और कैग रिपोर्ट की चर्चा

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा जोरों पर है कि छापेमारी के दौरान नगदी भी बरामद हुई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि जांच कथित तौर पर कैग (CAG) की रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। आयकर विभाग की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

गांव में सन्नाटा, कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं

खनवर गांव में पूरे घटनाक्रम को लेकर सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीण खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। जांच टीम कभी छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के कार्यालय तो कभी आवासीय परिसर के अन्य हिस्सों में जाती दिखी। इस दौरान विधायक के पिता घुरहूं सिंह और भाई रमेश सिंह से भी पूछताछ की चर्चा है।

समर्थकों में आक्रोश, विपक्ष हमलावर

कार्रवाई को लेकर विधायक समर्थकों में आक्रोश देखा जा रहा है। समर्थकों का आरोप है कि राजनीतिक द्वेष के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। वहीं विपक्षी दलों ने सोशल मीडिया पर विभिन्न आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

क्षेत्रीय राजनीति में बढ़ी गर्माहट

इस छापेमारी ने बलिया की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी समीकरणों के बीच इस कार्रवाई के दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं। फिलहाल सभी की नजर आयकर विभाग की अगली कार्रवाई और आधिकारिक बयान पर टिकी है।

जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में आगे कोई कानूनी कार्रवाई होगी या नहीं। तब तक जनपद में इस मुद्दे पर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

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