LIVE : बजट सत्र 2026: पीएम मोदी बोले– ‘कल लोकसभा में जो हुआ, वह बहुत ही दर्दनाक था’

Budget Session 2026 PM Modi Speech में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा हंगामे को दर्दनाक बताया। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर दिया विस्तृत जवाब।

हाइलाइट्स :

  • बजट सत्र 2026 के दौरान संसद में लगातार हंगामा
  • पीएम मोदी का बयान– लोकसभा में जो हुआ वह दर्दनाक
  • राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब
  • विपक्षी दलों का वॉकआउट
  • भारत को बताया वैश्विक चुनौतियों के समाधान की आशा

नई दिल्ली। बजट सत्र 2026 पीएम मोदी भाषण के दौरान संसद का माहौल बेहद गर्म रहा। गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में जारी हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, “कल लोकसभा में जो कुछ हुआ, वह बहुत ही दर्दनाक था।” उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है और वहां इस तरह की स्थिति देश के लिए अच्छा संदेश नहीं देती।

विपक्ष के हंगामे के बीच पीएम मोदी का संबोधन

राज्यसभा में पीएम मोदी के भाषण के दौरान कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने नारेबाजी की और बाद में वॉकआउट कर दिया। इस पर तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग थककर चले गए, उन्हें कभी न कभी देश को जवाब देना पड़ेगा।

‘भारत बना विश्व के लिए आशा की किरण’

Budget Session 2026 PM Modi Speech में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व में पैदा हो रही चुनौतियों के समाधान के लिए आशा की किरण बन चुका है। उन्होंने यूरोपीय संघ समेत नौ बड़े देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित देशों का भारत की ओर झुकाव बढ़ा है।

पीएम मोदी ने कहा कि जब कोई विकसित देश स्वयं किसी विकासशील देश के साथ व्यापार समझौता करने आता है, तो यह भारत की आर्थिक शक्ति का प्रमाण है।

आर्थिक सुधार और वैश्विक भरोसा

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का तेज आर्थिक विकास और कम मुद्रास्फीति एक दुर्लभ संयोग है। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद किए गए सुधारों से बैंकिंग सेक्टर मजबूत हुआ, एनपीए में भारी गिरावट आई और पीएसयू रिकॉर्ड मुनाफे में पहुंचे।

युवाओं और विकसित भारत का विजन

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के कई समृद्ध देश बुजुर्ग होते जा रहे हैं, जबकि भारत युवा होता जा रहा है। यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का दूसरा चतुर्थांश विकसित भारत के निर्माण में उतना ही निर्णायक होगा, जितना आजादी के समय पिछली सदी का दौर था।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि देश अब रुकने वाला नहीं है और लक्ष्य प्राप्त करके ही आगे बढ़ेगा।

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