संविधान दिवस 2025: ‘न्याय, समता और बंधुता भारत के संविधान की मूल भावना’—CM योगी आदित्यनाथ

न्याय, समता और बंधुता भारत के संविधान की मूल भावना—संविधान दिवस पर लखनऊ के लोकभवन कार्यक्रम में CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा निर्मित भारतीय संविधान दुनिया के सबसे मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों का आधार है और यह हर नागरिक को समान अवसर देता है।”

लखनऊ। न्याय, समता और बंधुता भारत के संविधान की मूल भावना—संविधान दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यही बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि यह देश के करोड़ों नागरिकों के अधिकारों, गरिमा और समान अवसरों की गारंटी प्रदान करने वाली सबसे मजबूत लोकतांत्रिक संरचना है।

CM योगी ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की अद्भुत दूरदृष्टि और संवैधानिक समझ के कारण भारत को ऐसा संविधान मिला जो न्याय, समता और बंधुता जैसे मूल सिद्धांतों पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि ये तीन सिद्धांत ही लोकतंत्र की असली शक्ति और मानव गरिमा के मूल आधार हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का संविधान आज पूरे विश्व में लोकतंत्र की मजबूती और नागरिक अधिकारों के संरक्षण का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने आगे कहा कि संविधान सभी को बराबरी का हक देता है और बिना किसी भेदभाव के देश के हर नागरिक को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है।

कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और युवा प्रतिभागियों को CM योगी ने संविधान के प्रति जिम्मेदारियों के निर्वहन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी सशक्त होता है जब समाज न्याय, समानता और बंधुता की भावना को अपनाकर आगे बढ़ता है।

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विशेष संवाददाता –संजीव श्रीवास्तव

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