SIR प्रक्रिया बनी जानलेवा? BLO की मौत पर आराधना मिश्रा मोना ने उठाए सवाल

SIR के दौरान BLO की मौत को लेकर कांग्रेस ने योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि आधी-अधूरी तैयारी और अत्यधिक दबाव के कारण कई BLO की जान गई।”

हाइलाइट्स (Highlights)

  • SIR प्रक्रिया के दौरान BLO की मौतों पर कांग्रेस का सवाल
  • आराधना मिश्रा मोना ने योगी सरकार को ठहराया जिम्मेदार
  • बिना प्रशिक्षण और समय सीमा के SIR कराने का आरोप
  • वोट कटने और मतदाताओं को परेशान करने का दावा
  • किसानों और मजदूरों के अधिकारों पर असर की चेतावनी

लखनऊ। SIR के दौरान BLO की मौत को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने विधानसभा में सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एस.आई.आर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को आधी-अधूरी तैयारी, बिना समुचित प्रशिक्षण और अत्यधिक जल्दबाजी में लागू किया गया, जिससे प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बी.एल.ओ पर असहनीय मानसिक दबाव पड़ा और कई कर्मचारियों की दुखद मृत्यु हो गई।

कांग्रेस नेता ने कहा कि जब SIR पहले से प्रस्तावित था, तो फिर BLO और शिक्षकों को पूर्व प्रशिक्षण क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक शिक्षक से यह अपेक्षा उचित है कि वह बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ पूरा प्रशासनिक तंत्र भी संभाले। SIR ड्यूटी के चलते स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार तय करे।

आराधना मिश्रा मोना ने आरोप लगाया कि SIR के बहाने लोगों के वोट काटे जा रहे हैं, खासकर गरीब, मजदूर, किसान, महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता इस प्रक्रिया से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं का नाम 2003 और 2025 की मतदाता सूची में मौजूद है, उन्हें भी संदेह की श्रेणी (कैटेगरी-C) में डालकर वोट काटने की तैयारी लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है।

उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया में लगे BLO पर इतना दबाव बना कि बिजनौर में शोभा रानी, देवरिया में लेखपाल आशीष, फतेहपुर में सुधीर कुमार कुरील, गोंडा में विपिन यादव, बरेली में अजय अग्रवाल, बांदा में शिक्षामित्र, लखनऊ में विजय कुमार वर्मा, देवरिया में रंजू दुबे सहित कई कर्मचारियों की मौत हो गई। वहीं बुलंदशहर और मेरठ से आत्महत्या व आत्महत्या के प्रयास के मामले भी सामने आए हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि समय सीमा पहले ही यथार्थवादी रखी जाती, उचित प्रशिक्षण और संसाधन दिए जाते, तो इन दुखद घटनाओं को टाला जा सकता था। उन्होंने इसे सिस्टम फेल होने का प्रमाण बताया।

इस दौरान आराधना मिश्रा मोना ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर किसानों के हित में काम किया। कांग्रेस पार्टी ने UPA सरकारों के दौरान किसान कर्ज माफी, किसान क्रेडिट कार्ड और भूमि अधिग्रहण कानून जैसे फैसले लेकर किसानों को मजबूती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार में अन्नदाता किसान सबसे ज्यादा प्रताड़ित है।

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