ककरहवा सीमा चौकी को पूर्ण आव्रजन केंद्र बनाने की मांग, लोकसभा में उठी आवाज

“लोकसभा में सांसद जगदंबिका पाल ने सिद्धार्थनगर के ककरहवा सीमा चौकी को पूर्ण आव्रजन प्रवेश द्वार बनाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इससे नेपाल के लुंबिनी आने वाले पर्यटकों और व्यापारियों को लाभ मिलेगा तथा क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।”

हाइलाइट्स :

  • लोकसभा में नियम 377 के तहत उठाया गया मुद्दा
  • वर्तमान में केवल सीमा शुल्क संचालन, आव्रजन सुविधा नहीं
  • यात्री बसों और भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक
  • नेपाल के लुंबिनी आने वाले पर्यटकों को मिलेगा लाभ
  • पर्यटन, व्यापार और रोजगार सृजन को बढ़ावा

नई दिल्ली/सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर के ककरहवा सीमा चौकी को पूर्ण आव्रजन प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किए जाने की मांग लोकसभा में जोरदार ढंग से उठी। सांसद जगदंबिका पाल ने नियम 377 के तहत यह मुद्दा रखते हुए कहा कि वर्तमान में ककरहवा सीमा पर केवल सीमा शुल्क (कस्टम) संचालन हो रहा है, जबकि आव्रजन सुविधा अब तक शुरू नहीं की गई है।

उन्होंने बताया कि आव्रजन सुविधा के अभाव में यात्री बसों और मालवाहक भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध है, जिससे क्षेत्र की आर्थिक संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं। सांसद ने मांग की कि ककरहवा को पूर्ण आव्रजन केंद्र घोषित कर बड़े वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी जाए।

पर्यटन और व्यापार को मिलेगा लाभ

जगदंबिका पाल ने कहा कि ककरहवा सीमा चौकी को विकसित किए जाने से नेपाल के लुंबिनी आने वाले अंतरराष्ट्रीय एवं देशी पर्यटकों, श्रद्धालुओं और व्यापारियों को भारत में प्रवेश के लिए सुगम मार्ग मिलेगा। इससे सीमा पार व्यापार, स्थानीय बाजार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सिद्धार्थनगर एक आकांक्षी जनपद है और इस सुविधा विस्तार से क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिल सकती है।

श्रम सुधार विधेयक का समर्थन

इसी दौरान सांसद ने औद्योगिक संबंध संहिता संशोधन विधेयक 2026 का समर्थन करते हुए कहा कि श्रम सुधार देश के औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक हैं।

सांसद के मीडिया प्रभारी द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि केंद्र सरकार को ककरहवा सीमा चौकी के उन्नयन पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए, ताकि क्षेत्र की विकास संभावनाएं साकार हो सकें।

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