लैंड फॉर जॉब घोटाला: लालू यादव परिवार पर बड़ा झटका, 40 से अधिक आरोपियों पर आरोप तय

लैंड फॉर जॉब घोटाले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 40 से अधिक आरोपियों पर आरोप तय किए। अब केस ट्रायल की ओर बढ़ेगा।

हाइलाइट्स :

  • लैंड फॉर जॉब घोटाले में 40 से अधिक आरोपियों पर आरोप तय
  • लालू यादव पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप
  • राबड़ी देवी, तेजस्वी, तेज प्रताप, मीसा भारती भी आरोपी
  • राऊज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने का फैसला
  • 2004–2009 के रेल मंत्री कार्यकाल से जुड़ा मामला

नई दिल्ली। लैंड फॉर जॉब घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित जमीन के बदले नौकरी मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती समेत 40 से अधिक आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं

स्पेशल जज विशाल गोगने ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए लालू प्रसाद यादव पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं। वहीं, उनके परिवार के सदस्यों पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं।

क्या है कोर्ट का फैसला?

कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। इससे पहले 19 दिसंबर 2025 को सीबीआई ने सभी आरोपियों की वेरिफिकेशन रिपोर्ट अदालत में पेश की थी।

कितने आरोपी, कितनों की मौत

सीबीआई के अनुसार, इस मामले में कुल 103 आरोपी थे, जिनमें से 5 की मौत हो चुकी है। फिलहाल 40 से अधिक लोगों पर आरोप तय किए गए हैं।

ट्रांसफर याचिका हुई थी खारिज

इस केस की आरोपी राबड़ी देवी ने जज विशाल गोगने की अदालत से केस ट्रांसफर की मांग की थी, जिसे प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज दिनेश भट्ट ने 19 दिसंबर 2025 को खारिज कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट भी दे चुका है झटका

सुप्रीम कोर्ट ने 18 जुलाई 2025 को ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से मामला लगातार आगे बढ़ता रहा।

क्या है जमीन के बदले नौकरी घोटाला?

सीबीआई और ईडी के मुताबिक,

  • यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है
  • उस समय लालू यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे
  • रेलवे के जबलपुर जोन (पश्चिम मध्य रेलवे) में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले जमीन ली गई
  • जमीन लालू यादव के परिवार या उनके करीबी लोगों के नाम ट्रांसफर कराई गई
  • जमीनें मार्केट रेट से 1/4 या 1/5 कीमत पर ली गईं
  • लगभग 1 लाख वर्गफुट जमीन 26 लाख रुपये में ली गई, जिसकी कीमत 4.39 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई
  • जमीन देने वालों के रिश्तेदारों को रेलवे में नौकरी दी गई

एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा मामला भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।

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