‘जिंदगी की कीमत दो लाख नहीं, दोषियों को मिले कड़ी सजा’: इंदौर पानी कांड पर उमा भारती का हमला

“इंदौर दूषित पानी कांड पर भाजपा नेता उमा भारती ने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि जिंदगी की कीमत दो लाख रुपये नहीं होती। 15 मौतों और 2800 से अधिक बीमारों के मामले में दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग।”

Highlights :

  • इंदौर में दूषित पानी से अब तक 15 लोगों की मौत
  • 2800 से अधिक लोग बीमार, 32 मरीज आईसीयू में भर्ती
  • उमा भारती बोलीं—यह पूरे सिस्टम के लिए कलंक
  • ‘जिंदगी की कीमत दो लाख नहीं होती’
  • दोषियों को अधिकतम दंड देने की मांग

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से फैली बीमारी ने भयावह रूप ले लिया है। इस हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2800 से अधिक लोग बीमार बताए जा रहे हैं। गुरुवार को ही 338 नए मरीज सामने आए, जिनमें से 32 मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

इस गंभीर मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे प्रशासनिक विफलता और नैतिक अपराध करार दिया।

उमा भारती का तीखा बयान

उमा भारती ने लिखा—

“साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदा पानी पीने से हुई मौतों ने हमारे प्रदेश, हमारी सरकार और पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा कर दिया है। स्वच्छता के लिए देश में अव्वल रहने वाला शहर आज जहर मिला पानी पिलाकर लोगों की जान ले रहा है।”

उन्होंने आगे कहा—

“जिंदगी की कीमत दो लाख रुपये नहीं होती। पीड़ित परिवार जीवन भर इस दर्द को झेलते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीड़ितों से माफी मांगनी होगी और नीचे से ऊपर तक सभी दोषियों को अधिकतम सजा देनी होगी।”

स्वास्थ्य केंद्रों पर हालात गंभीर

इंदौर के भागीरथपुरा स्वास्थ्य केंद्र सहित कई अस्पतालों में सुबह से देर रात तक मरीजों की भीड़ लगी रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को उल्टी-दस्त की शिकायत है। कई परिवारों के सभी सदस्य बीमार हो चुके हैं, जिससे इलाके में भारी आक्रोश और भय का माहौल है।

सरकार के लिए चेतावनी

उमा भारती ने इस पूरे घटनाक्रम को मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार की परीक्षा बताया और कहा कि यह समय केवल मुआवजे का नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का है।

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