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“माघ मेला 2026 प्रयागराज में 3 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा। मुख्य स्नान पर्वों पर VIP प्रोटोकॉल नहीं होगा। 12–15 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए AI निगरानी, स्वच्छता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।”

हाइलाइट्स:

  • माघ मेला 2026 में मुख्य स्नान पर VIP प्रोटोकॉल पूरी तरह खत्म
  • 3 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक चलेगा 44 दिवसीय मेला
  • 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
  • मेला क्षेत्र 800 हेक्टेयर, घाटों की लंबाई में 50% बढ़ोतरी
  • AI सर्विलांस, QR कोड, ऐप-बेस्ड बाइक टैक्सी जैसी आधुनिक सुविधाएं
  • 16,650 शौचालय, 3300 सफाईकर्मी 24×7 तैनात
  • दारागंज शवदाह स्थल अस्थायी रूप से शिवकुटी शिफ्ट

माघ मेला 2026: आस्था, प्रशासन और आधुनिक तकनीक का अभूतपूर्व संगम


प्रयागराज। माघ मेला 2026 की तैयारियां इस बार मिनी महाकुंभ के स्तर पर की जा रही हैं। 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस 44 दिवसीय धार्मिक आयोजन में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचने की संभावना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मुख्य स्नान पर्वों पर किसी भी प्रकार का VIP प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा, ताकि आम श्रद्धालु बिना किसी बाधा के गंगा-यमुना-संगम में स्नान कर सकें।

31 दिसंबर तक सभी तैयारियां पूरी करने का अल्टीमेटम

शुक्रवार शाम लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर माघ मेला से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक मेला क्षेत्र की सभी व्यवस्थाएं हर हाल में पूरी होनी चाहिए
प्रमुख सचिव, सचिव और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर 31 दिसंबर को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करेंगे।

इस वर्ष मेला क्षेत्र को 800 हेक्टेयर तक विस्तारित किया गया है, वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए घाटों की लंबाई में 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

AI निगरानी, स्वच्छता और हाईटेक सुविधाएं

सीएम योगी ने बताया कि अब तक 4599 संस्थाओं को भूमि आवंटन किया जा चुका है।
भीड़ और सुरक्षा प्रबंधन के लिए—

  • AI आधारित सर्विलांस सिस्टम
  • रियल टाइम मॉनिटरिंग
  • QR कोड आधारित सेवाएं
  • ऐप-बेस्ड बाइक टैक्सी

जैसी सुविधाएं पहली बार लागू की जा रही हैं।

स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए—

  • 16,650 शौचालय
  • 3300 सफाई कर्मी 24 घंटे तैनात
  • सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध
  • जीरो लिक्विड डिस्चार्ज मॉडल

लागू किया जा रहा है, ताकि गंगा और यमुना की पवित्रता बनी रहे।

शुल्क नियंत्रण और सांस्कृतिक विरासत पर जोर

मुख्यमंत्री ने नाविकों और सेवा प्रदाताओं से संवाद कर खान-पान व अन्य सेवाओं के शुल्क नियंत्रित रखने के निर्देश दिए हैं।
मेले में 19वीं-20वीं सदी के माघ मेलों से जुड़े दुर्लभ लोक अभिलेख और पांडुलिपियां भी प्रदर्शित की जाएंगी, जिससे श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति की ऐतिहासिक झलक मिलेगी।

प्रयागराज प्रशासन का अहम फैसला

श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात सुगमता को ध्यान में रखते हुए,
दारागंज शवदाह स्थल को अस्थायी रूप से शिवकुटी स्थानांतरित किया गया है।

  • 27 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक दारागंज में शवदाह नहीं होगा
  • नागवासुकि मंदिर के सामने बनी रिवर फ्रंट रोड से शिवकुटी तक पहुंच
  • दिशा-सूचक संकेतक लगाए जा रहे हैं

मेला कार्यालय में हंगामा, आत्मदाह की कोशिश

माघ मेला की तैयारियों के बीच शुक्रवार देर रात मेला विकास प्राधिकरण कार्यालय में हंगामा हो गया।
जमीन न मिलने से नाराज एक तीर्थ पुरोहित ने पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की, जिसे पुलिस ने समय रहते रोक लिया।

मेलाधिकारी ऋषिराज ने बताया कि अधिकांश भूमि आवंटन पहले ही हो चुका है और अब नई संस्थाओं को जमीन देना संभव नहीं है। कुछ लोग जानबूझकर अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में माघ मेला 2026 केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, सुशासन और आधुनिक प्रशासनिक दक्षता का जीवंत उदाहरण बनने की ओर अग्रसर है।