‘एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी बनेगी भारत की प्रधानमंत्री’—ओवैसी का बड़ा बयान

असदुद्दीन ओवैसी हिजाब प्रधानमंत्री बयान: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोलापुर में कहा कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। उन्होंने संविधान की समावेशिता और नफरत की राजनीति पर भी हमला बोला।

हाइलाइट्स :

  1. सोलापुर की चुनावी सभा में ओवैसी का बड़ा बयान
  2. भारतीय संविधान की समावेशिता पर दिया जोर
  3. मुसलमानों के खिलाफ नफरत को बताया अस्थायी
  4. पाकिस्तान और भारत के संवैधानिक फर्क का उल्लेख
  5. भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने दी तीखी प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र । असदुद्दीन ओवैसी हिजाब प्रधानमंत्री बयान को लेकर देश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि एक दिन भारत में हिजाब पहनने वाली बेटी प्रधानमंत्री बनेगी

शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने भारतीय संविधान की समावेशिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को समान अधिकार देता है, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या पहनावे से जुड़ा हो।

ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान के संविधान में केवल एक धर्म के व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनने की अनुमति है, जबकि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए भारतीय संविधान में हर नागरिक को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या महापौर बनने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा, “मेरा सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने।”

AIMIM प्रमुख ने आगे कहा कि मुसलमानों के खिलाफ जो नफरत फैलाई जा रही है, वह ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जब समाज में प्रेम और भाईचारा आम होगा, तब लोगों को एहसास होगा कि किस तरह उनके दिमाग में ज़हर घोला गया था। ओवैसी ने दो टूक कहा कि नफरत फैलाने वालों का अंत निश्चित है।

ओवैसी के इस बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ओवैसी को चुनौती देते हुए कहा कि पहले वे किसी पसमांदा मुस्लिम या हिजाब पहनने वाली महिला को AIMIM का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर दिखाएं।

सभा के दौरान ओवैसी ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA को लेकर भी कांग्रेस और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान किए गए संशोधनों के कारण आज कई युवा वर्षों से जेल में बंद हैं और उन्हें जमानत तक नहीं मिल पा रही।

ओवैसी ने सवाल उठाया कि आज़ादी के बाद क्या किसी कांग्रेस नेता को कभी एक-दो साल या साढ़े पांच साल तक जेल में रहना पड़ा है? उन्होंने कहा कि कानून बनाने वाले कांग्रेस के लोग थे और उसी का दुरुपयोग आज देखने को मिल रहा है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दल पूरी ताकत से प्रचार में जुटे हैं। 15 जनवरी को मतदान होगा और 16 जनवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल

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