योगी आदित्यनाथ पर जातिवादी आरोप लगाने वाले PCS अधिकारी अमर सिंह द्वितीय सेवा में बहाल

“PCS अधिकारी अमर सिंह बहाली पर बड़ा अपडेट। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जातिवादी आरोप लगाने के बाद बर्खास्त PCS अधिकारी अमर सिंह द्वितीय को सवा पांच साल बाद सेवा में बहाल किया गया। कैंसर पीड़ित होने का हवाला देकर सीएम से की थी मुलाकात, जानिए पूरा मामला।”

हाइलाइट्स :

  • PCS अधिकारी अमर सिंह द्वितीय की सवा पांच साल बाद सेवा में बहाली
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जातिवादी आरोप लगाने पर हुए थे बर्खास्त
  • कैंसर पीड़ित होने का हवाला देकर सीएम योगी से की थी मुलाकात
  • बहाली आदेश को बताया गया अपवाद स्वरूप फैसला
  • मामला अभी भी हाईकोर्ट में विचाराधीन

PCS अधिकारी अमर सिंह बहाली: सवा पांच साल बाद योगी सरकार का मानवीय फैसला

लखनऊ।  PCS अधिकारी अमर सिंह बहाली को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। शिक्षक भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तत्कालीन उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा पर जातिवादी आरोप लगाने वाले PCS अधिकारी अमर सिंह द्वितीय को सरकार ने एक बार फिर सेवा में बहाल कर दिया है।

अमर सिंह द्वितीय को 7 सितंबर 2020 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। अब लगभग सवा पांच साल बाद सचिवालय प्रशासन विभाग ने उनकी बहाली का आदेश जारी किया है।

मुख्यमंत्री से मुलाकात बनी बहाली की बड़ी वजह

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अमर सिंह द्वितीय ने 31 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने खुद को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बताते हुए मानवीय आधार पर सेवा में वापस लेने का अनुरोध किया था।

मुख्यमंत्री ने इस अनुरोध पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया और बहाली के निर्देश दिए।

अपवाद स्वरूप लिया गया फैसला

सचिवालय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव मनीष चौहान ने बताया कि अमर सिंह द्वितीय की बहाली को अपवाद स्वरूप निर्णय माना गया है। आदेश में साफ लिखा गया है कि यह फैसला भविष्य में किसी अन्य मामले के लिए उदाहरण नहीं बनेगा।

2020 में लगे थे गंभीर आरोप

वर्ष 2020 में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर अमर सिंह पर आरोप लगे थे कि उन्होंने सीयूजी नंबर से व्हाट्सएप ग्रुप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तत्कालीन उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को जातिवादी बताते हुए अभद्र टिप्पणियां की थीं।

इस मामले में सरकार ने कर्मचारी सेवा नियमावली के उल्लंघन और अनुशासनहीनता के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया था।
इस फैसले को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) से भी सहमति मिली थी।

हाईकोर्ट में मामला अभी लंबित

सरकार के बर्खास्तगी आदेश को अमर सिंह द्वितीय ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। यह मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है, हालांकि सरकार ने मानवीय आधार पर फिलहाल उनकी सेवा बहाल कर दी है।

PCS अधिकारी अमर सिंह बहाली का फैसला प्रशासनिक सख्ती और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह फैसला किसी भी तरह से भविष्य की नजीर नहीं बनेगा।

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