‘मुझे अपने बब्बर शेर पर गर्व’: उदय भानु चिब की ‘गिरफ्तारी पर राहुल गांधी का बड़ा बयान

“AI समिट प्रदर्शन मामले में उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद राहुल गांधी का बयान। शांतिपूर्ण विरोध को लोकतांत्रिक अधिकार बताया, केंद्र सरकार और ट्रेड डील पर साधा निशाना।”

हाइलाइट्स:

  • AI समिट प्रदर्शन में IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार
  • राहुल गांधी ने गिरफ्तारी को बताया ‘तानाशाही प्रवृत्ति’
  • शांतिपूर्ण विरोध को लोकतांत्रिक अधिकार कहा
  • अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर भी उठाए सवाल

नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान प्रदर्शन के मामले में भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद सियासत तेज हो गई है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चिब के समर्थन में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा कर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की।

‘शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार’

राहुल गांधी ने लिखा, “शांतिपूर्ण प्रदर्शन हमारी ऐतिहासिक विरासत है। यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है।”

उन्होंने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ‘बब्बर शेर’ बताते हुए कहा कि वे देशहित में निडर होकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।

राहुल गांधी ने आगे लिखा, “मुझे यूथ कांग्रेस में अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने समझौता करने वाली सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है।”

गिरफ्तारी को बताया ‘तानाशाही प्रवृत्ति’

कांग्रेस नेता ने उदय भानु चिब और अन्य IYC नेताओं की गिरफ्तारी को तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि सत्ता को सच का आईना दिखाना अपराध नहीं बल्कि देशभक्ति है।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी है और संविधान के दायरे में रहकर संघर्ष जारी रखेगी।

ट्रेड डील पर भी उठाए सवाल

अपने बयान में राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर देश के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया।

क्या है मामला?

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत मंडपम परिसर में हुए प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन पूर्व नियोजित था और कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई।

उदय भानु चिब को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया है। मामले में अन्य कार्यकर्ताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा बता रही है, वहीं सरकार समर्थक दल इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला बता रहे हैं।

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