वर्षाऋतु और सर्पदंश : जागरूकता व समय पर चिकित्सीय उपचार ही बचाव

राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क हरदोई : बरसात में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जागरूकता के अभाव में व्यक्ति झाड़फूंक के चक्कर में पड़कर अपना जीवन संकट में डाल लेते हैं! जिसका दंश समूचे परिवार को झेलना पड़ता है!प्रभावित व्यक्ति को समय पर उचित इलाज न मिलने से जीवन समाप्त हो जाता है!सांप का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते हैं और उसे ढूंढ कर मार देते हैं, जबकि ज्यादातर मामलों में बिना दबाव के सांप कटता नहीं है! 

 कछौना क्षेत्र में सर्पमित्र कुलदीप श्रीवास्तव पिछले कई वर्षों साँपो के बचाव, जागरूकता, व प्राथमिक उपचार के लिए कार्य करते हैं! उन्होंने बताया कि सांपों की 80% प्रजाति विषहीन होती है! क्षेत्र में पाए जाने वाले केवल चार प्रतिशत साँप ही जहरीले हैं! अपने घरों प्रतिष्ठानों को साफ सुथरा रखें क्योकि घरों में भोजन (कीड़े मकोड़ों) की तलाश में सांप घुस जाते हैं! जिससे सर्पदंश की घटनाएं होती हैं! बचाव के लिए विशेष कर बरसात में चप्पल, चार्ज, डंडे का प्रयोग करें!

सर्पदंश की घटना होने पर घाव के स्थान को ज्यादा छेड़छाड़ न करें बल्कि समय नोट कर घाव के आस पास हल्के से बांध ले! रोगी  को मानसिक शांति दें! शुरुआत का एक घंटा बहुत महत्वपूर्ण होता है! घाव को एंटीसेप्टिक या सादे पानी से धो लें!झाड़फूँक के चक्कर में बिल्कुल ना पड़ कर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें! जहां पर चिकित्सक के परामर्श से वैक्सीन लें!

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार प्रतिवर्ष लाखों लोग़ सर्पदंश का शिकार होते हैं, जिनका समय पर इलाज होने से कोई जनहानि नहीं होती है साथ ही विलंब होने पर व्यक्ति को अपनी जान से हाथ धोना पड़ जाता है!

 सर्पमित्र श्री श्रीवास्तव ने अपना मोबाइल नंबर 9793120483 देते हुए बताया कि किसी भी प्रकार के सांप क़ी जानकारी होने पर बिना घबराए सूचित करें उसे मारे नहीं!

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