सोनभद्र मिट्टी टीला हादसा: किरवानी जंगल में ढही मिट्टी, तीन महिलाओं की मौत

“सोनभद्र मिट्टी टीला हादसा में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के म्योरपुर क्षेत्र में मिट्टी का ढीहा ढहने से तीन महिलाओं की मौत हो गई। हादसा किरवानी गांव के जंगल में सफेद मिट्टी खोदते समय हुआ। राहत और बचाव कार्य जारी है।”

हाइलाइट्स :

  • सोनभद्र जिले के म्योरपुर थाना क्षेत्र में बड़ा हादसा
  • किरवानी जंगल में मिट्टी का टीला ढहा
  • तीन महिलाओं की मौत, एक गंभीर घायल
  • जेसीबी की मदद से बचाव कार्य जारी
  • ग्रामीणों की चीख-पुकार से जुटी राहत टीम

सोनभद्र । उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। म्योरपुर थाना क्षेत्र के किरवानी गांव स्थित जंगल में सफेद मिट्टी निकालने के दौरान मिट्टी का टीला (ढीहा) अचानक ढह गया, जिससे कई लोग मलबे में दब गए। अब तक तीन महिलाओं के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य की तलाश के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में सफेद मिट्टी का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है। सोमवार सुबह कुछ महिलाएं और बच्चे किरवानी गांव के जंगल में मिट्टी खोदने गए थे। बताया जा रहा है कि मिट्टी निकालते समय वे टीले के अंदर सुरंगनुमा गहराई तक पहुंच गए थे। इसी दौरान अचानक ऊपर से मिट्टी का भारी हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा और अंदर काम कर रही महिलाएं मलबे में दब गईं।

घटना के बाद साथ मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई।

तीन महिलाओं की मौत

जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाकर तीन महिलाओं को बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत म्योरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है—

  • सदिकुनिषा (35), निवासी बडहोर, थाना बभनी
  • अमीषा खातून (35), निवासी किरवानी
  • सीता (30), निवासी किरवानी

एक अन्य महिला फूलकुमारी गंभीर रूप से घायल बताई जा रही हैं, जिनका इलाज जारी है।

प्रशासन अलर्ट, जांच के आदेश

स्थानीय प्रशासन ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बिना सुरक्षा उपायों के इस तरह की खुदाई बेहद खतरनाक है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि मिट्टी की खुदाई किस परिस्थिति में और किसकी अनुमति से की जा रही थी।

गांव में मातम का माहौल

हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि जीविका और घरेलू जरूरतों के लिए लोग जोखिम उठाकर जंगलों से मिट्टी लाने को मजबूर हैं।

फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन की टीम मौके पर डटी हुई है और आशंका जताई जा रही है कि मलबे में और लोग दबे हो सकते हैं।

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