उमाशंकर सिंह के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव, आयकर छापों को बताया ‘सरकारी डकैती’

उमाशंकर सिंह के लखनऊ स्थित आवास और प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद राजनीति तेज। सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने छापों को ‘सरकारी डकैती’ बताया। बसपा सुप्रीमो Mayawati के बाद विपक्ष एकजुट।” पढ़ें पूरी खबर

हाइलाइट्स:

  • उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई
  • अखिलेश यादव ने भाजपा पर लगाया गंभीर आरोप
  • मायावती के बाद सपा प्रमुख का समर्थन
  • कैंसर पीड़ित विधायक को लेकर संवेदनशीलता का मुद्दा
  • यूपी की राजनीति में नया मोड़

लखनऊ। कैंसर पीड़ित बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ समेत अन्य ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।

बसपा प्रमुख मायावती और योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह की प्रतिक्रियाओं के बाद अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है।

‘भाजपाई छापे सरकारी डकैती होते हैं’

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि “भाजपाई छापे सरकारी डकैती होते हैं। भाजपा के छापे लोगों के कमाए गए पैसों को लूटने का काम करते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि जहां भी धन होने की संभावना दिखती है, वहां भाजपा अपनी एजेंसियां भेज देती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा संवेदनहीन है और गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति को भी नहीं बख्शती। उनके मुताबिक, “जब व्यक्ति अपने सबसे कठिन दौर में होता है, तब उसे टारगेट किया जाता है ताकि वह विरोध न कर सके।”

2027 को लेकर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री ने राजनीतिक हमला तेज करते हुए कहा कि 2047 की बात करने वाली भाजपा 2027 भी पार नहीं कर पाएगी। लखनऊ हो या दिल्ली, कोई भी ‘सत्ताइस’ के पार नहीं जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा के परंपरागत वोटर भी उससे दूर हो रहे हैं। कारोबारी समाज जीएसटी और भ्रष्टाचार से नाराज है, जबकि धार्मिक समाज भी आहत है।

‘दिल्ली के षड्यंत्र का होगा पर्दाफाश’

अखिलेश यादव ने छापेमारी को “दिल्ली का षड्यंत्र” बताते हुए कहा कि किसी गंभीर हालात से गुजर रहे व्यक्ति पर ऐसी कार्रवाई किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मानसिक उत्पीड़न के कारण कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी भाजपा पर होगी।

उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति जताते हुए हर संभव सहायता का भरोसा दिया।

पहले भी गरमाई थी सियासत

इससे पहले मायावती ने भी आयकर विभाग की कार्रवाई को अमानवीय करार दिया था। वहीं मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि कानून अपना काम कर रहा है।

आयकर विभाग की ओर से फिलहाल आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की चर्चा है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर दिख रही एकजुटता आने वाले समय में प्रदेश की सियासत को नई दिशा दे सकती है।

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