दिल्ली ब्लास्ट के बाद यूपी में अलर्ट — एजेंसियों का डेरा, सिमी-ISI के 25 संदिग्ध रडार पर

“दिल्ली ब्लास्ट के बाद उत्तर प्रदेश में जांच एजेंसियों की गतिविधि तेज हो गई है। कानपुर समेत कई जिलों में 25 संदिग्धों की सूची बनाई गई है, जिनका संबंध सिमी, ISI और ISIS जैसे आतंकी संगठनों से बताया जा रहा है। खुफिया एजेंसियां तलाश में जुटी हैं।”

लखनऊ / कानपुर। दिल्ली ब्लास्ट के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। उत्तर प्रदेश में भी NIA, ATS और IB की टीमें अलग-अलग जिलों में डेरा डाले हुए हैं। सबसे ज्यादा फोकस कानपुर, सहारनपुर, अलीगढ़, मुरादाबाद और आज़मगढ़ पर है।

सूत्रों के अनुसार, एजेंसियों ने ऐसे 25 संदिग्धों की सूची तैयार की है जो पहले सिमी (Students Islamic Movement of India), ISI (Inter-Services Intelligence), हिज्बुल मुजाहिदीन और ISIS जैसे संगठनों के लिए सक्रिय रह चुके हैं या संपर्क में रहे हैं।

> एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया —

“इन 25 में से ज्यादातर संदिग्ध पिछले कुछ वर्षों से भूमिगत हैं। कुछ की गतिविधियां सोशल मीडिया और वित्तीय लेन-देन के जरिये ट्रैक की जा रही हैं। एजेंसियां नए सिरे से जांच में जुटी हैं।”

खुफिया सूत्रों के अनुसार, दिल्ली धमाके के बाद से कई पुराने मॉड्यूल फिर से सक्रिय हुए हैं। कुछ संदिग्धों के पाकिस्तान और खाड़ी देशों से संपर्क के इनपुट भी मिले हैं।

ATS और IB ने कई जिलों में लोकल पुलिस के साथ साझा ऑपरेशन शुरू किया है। एजेंसियों ने साइबर ट्रैकिंग और कॉल डिटेल्स के आधार पर इन नेटवर्कों की निगरानी बढ़ा दी है।

एक अधिकारी ने कहा —

“हमारा मकसद किसी भी आतंकी मॉड्यूल को फिर से पनपने से रोकना है। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।”

फैक्ट और सुरक्षा विश्लेषण

  • सिमी (SIMI) को भारत सरकार ने 2001 में आतंकी संगठन घोषित किया था।
  • ISI पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी है, जिस पर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं।
  • कानपुर और सहारनपुर पहले भी आतंकी गतिविधियों के केंद्र रहे हैं — 2008 और 2013 में यहां सिमी के मॉड्यूल उजागर हुए थे।
  • दिल्ली धमाके के बाद NIA ने यूपी से जुड़े 3 संदिग्धों के संभावित संपर्कों की जांच शुरू की है।

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