यूपी पंचायत चुनाव 2026: 15 अप्रैल को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, 16 मार्च तक दर्ज करें आपत्तियां

यूपी पंचायत चुनाव 2026 के तहत आजमगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायतों की अंतिम मतदाता सूची 15 अप्रैल को जारी होगी। 16 मार्च तक दावे-आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार ने विस्तृत कार्यक्रम जारी किया। पढ़ें पूरी खबर..

हाइलाइट्स:

  • 15 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
  • 16 मार्च तक दावे और आपत्तियों का निस्तारण।
  • 21 फरवरी से पूरक सूची का कंप्यूटरीकरण कार्य।
  • 17 मार्च से 13 अप्रैल तक मतदान केंद्रों की मैपिंग और क्रमांकन।
  • सार्वजनिक अवकाश में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे।

आजमगढ़। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंचने लगी हैं। जनपद आजमगढ़ में निर्वाचक नामावलियों के वृहद पुनरीक्षण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 अप्रैल को किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि समयबद्ध ढंग से सभी कार्यों को पूरा करने के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।

16 मार्च तक चलेगा दावे और आपत्तियों का निस्तारण

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जनवरी से प्रारंभ हुई दावे एवं आपत्तियों की प्रक्रिया 16 मार्च तक जारी रहेगी। इस दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों का विधिवत परीक्षण और निस्तारण किया जाएगा।

इस अवधि में—

  • हस्तलिखित पांडुलिपियों की तैयारी की जाएगी।
  • उन्हें सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में जमा किया जाएगा।
  • संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन कर उनका निस्तारण किया जाएगा।
  • मृतक अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक आवेदन की गहन जांच की जा रही है, ताकि अंतिम सूची में त्रुटियों की गुंजाइश न्यूनतम रहे।

पूरक सूचियों का कंप्यूटरीकरण

21 फरवरी से 16 मार्च के बीच पूरक मतदाता सूचियों का कंप्यूटरीकरण किया जाएगा। इसके बाद इन्हें मूल सूची में समाहित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

तकनीकी स्तर पर डेटा एंट्री, मिलान और सत्यापन की जिम्मेदारी संबंधित विभागीय टीमों को सौंपी गई है। इससे सूची के डिजिटलीकरण में तेजी आएगी और भविष्य में संदर्भ हेतु अभिलेख व्यवस्थित रहेंगे।

17 मार्च से 13 अप्रैल तक तकनीकी कार्य

दावे-आपत्तियों के निस्तारण के बाद 17 मार्च से 13 अप्रैल तक विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक कार्य संपन्न किए जाएंगे। इनमें—

  • मतदान केंद्रों एवं मतदेय स्थलों का क्रमांकन
  • मतदान केंद्रों की मैपिंग
  • मतदाता क्रमांक एवं एसवीएन (स्टेट वोटर नंबर) का आवंटन
  • अंतिम मतदाता सूची का डाउनलोड एवं फोटो कॉपी तैयार करना

जिलाधिकारी ने बताया कि सभी कार्यों की मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाएगी ताकि 15 अप्रैल तक अंतिम सूची प्रकाशन में कोई बाधा न आए।

अवकाश में भी खुलेंगे कार्यालय

निर्वाचन कार्य की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार कार्य पूर्ण करने के लिए सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे।

उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं और मतदाता सूची की शुद्धता चुनाव की निष्पक्षता का आधार है। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अंतिम सूची के बाद अधिसूचना की प्रक्रिया

15 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों की नजर अब इसी तिथि पर टिकी हुई है।

जनपद में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत स्तर पर चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही चुनावी गतिविधियां और अधिक सक्रिय होने की संभावना है।

प्रशासन का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध ढंग से संपन्न कराई जाएगी, ताकि आगामी पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से कराए जा सकें।

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