अमेरिका-इस्राइल का ईरान पर बड़ा हमला, तेहरान में धमाकों से दहशत

US-Iran Tension के बीच अमेरिका और इस्राइल ने ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई ठिकानों पर व्यापक हमला किया। तेहरान में तेज धमाके सुने गए। पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा गहराया। ” पढ़ें पूरी रिपोर्ट..

हाइलाइट्स:

  • US-Iran Tension के बीच अमेरिका-इस्राइल का संयुक्त हमला
  • तेहरान के डाउनटाउन इलाके में धमाके, धुएं के गुबार देखे गए
  • इस्राइल ने जारी किया हमले का वीडियो
  • मिसाइल हमलों की आशंका पर इस्राइल में सायरन
  • पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात, वैश्विक चिंता बढ़ी

तेहरान/वॉशिंगटन/यरुशलम। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने अब खुली सैन्य कार्रवाई का रूप ले लिया है। United States और Israel ने संयुक्त रूप से Iran के खिलाफ व्यापक हवाई और मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान की राजधानी Tehran सहित कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। हमलों के बाद तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई और शहर के कई हिस्सों से धुएं के गुबार उठते देखे गए।

सूत्रों के अनुसार, इस्राइली सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और मिसाइल भंडारण स्थलों को निशाना बनाया। हमले की पुष्टि करते हुए इस्राइल की ओर से ऑपरेशन का वीडियो भी जारी किया गया है। वहीं अमेरिकी रक्षा विभाग ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई “क्षेत्रीय सुरक्षा और अपने सहयोगियों की रक्षा” के लिए की गई है।

तेहरान में दहशत, सायरन से गूंजा इस्राइल

एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान के डाउनटाउन इलाके में कई विस्फोट हुए। स्थानीय मीडिया के अनुसार, कुछ सरकारी इमारतों और सैन्य परिसरों के आसपास आग लगने की खबर है। हालांकि, ईरान की ओर से आधिकारिक तौर पर नुकसान का विस्तृत ब्योरा जारी नहीं किया गया है।

उधर, इस्राइल में संभावित जवाबी हमलों की आशंका को देखते हुए कई शहरों में सायरन बजाए गए। नागरिकों को बंकर और सुरक्षित स्थानों पर जाने की एडवाइजरी जारी की गई है।

खामेनेई और नेतन्याहू के बीच सीधी टकराव की आशंका

ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei ने हाल के दिनों में चेतावनी दी थी कि यदि ईरान के खिलाफ कोई भी सैन्य कार्रवाई की गई तो उसका “करारा जवाब” दिया जाएगा। वहीं इस्राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने स्पष्ट कहा था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला लंबे समय से बढ़ रहे तनाव का परिणाम है। हाल ही में जिनेवा में अमेरिका-ईरान के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता बेनतीजा रही थी, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए।

वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता

संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय देशों ने संयम बरतने की अपील की है। पश्चिम एशिया में पहले से जारी अस्थिरता—विशेषकर अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव—के बीच इस नए मोर्चे ने वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेल बाजारों में भी उथल-पुथल देखी जा रही है और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की आशंका जताई जा रही है।

आगे क्या?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ईरान जवाबी कार्रवाई करता है तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। फिलहाल सभी की नजरें तेहरान और यरुशलम की अगली रणनीतिक चाल पर टिकी हैं।

स्थिति तेजी से बदल रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति बहाली के प्रयासों में जुटा है। आने वाले 24 से 48 घंटे पश्चिम एशिया की स्थिरता के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं।

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