बागपत- बागपत में कुछ मुसलमान गले में भगवा पटके डालकर जय श्रीराम का उद्घोष कर रहे थे लेकिन उनके नारों में कुछ ऐसे श्ब्द भी थे जो मौन थे वो थे पुलिस व्यवस्था को लेकर उनका गुस्सा दरअसल बागपत के बदरखा के रहने वाले अख्तर पिछले छह-सात माह से बागपत के निवाड़ा गांव में रह रहे हैं। अख्तर का कहना है कि कई माह पहले उनके बेटे गुलहसन की हत्या कर दी गई थी। और उस हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव फांसी पर लटका दिया गया।
अख्तर ने अपने बेटे की मौत का सच सामने लाने के लिए पुलिस से लगातार गुहार लगाई तो पुलिस ने इसे विवेचना में आत्महत्या ही मान लिया। तो जब प्रशासन ही अपनी आँखे मूद ले तो अख्तर के पास इंसाफ के लिए और कोई जरिया बचा ही नही और प्रशासन तो छोडिए बेटे की मौत के बाद इंसाफ की लड़ाई में अख्तर को मुस्लिम समाज का भी सहयोग नहीं मिला तो मुस्लिम समाज से नाराज होकर मुस्लिम परिवार के 20 सदस्यों ने धर्म परिवर्तन कर लिया। मुस्लिम परिवार में एसडीएम बड़ौत को शपथ पत्र दिया था कि वह स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन कर रहे हैं।










































































































































































































