Trump on Iran: “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि दूसरा अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा है। जानिए पूरा बयान और अमेरिका-ईरान तनाव की ताजा स्थिति।“
हाइलाइट्स:
- ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर दी खुली चेतावनी
- मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा दूसरा अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा
- बातचीत और सैन्य दबाव का दोहरा संदेश
- न्यूक्लियर डील को लेकर अमेरिका की सख्त शर्तें
- ईरान पर आगे कार्रवाई को लेकर ट्रंप का फैसला बाकी
आयोवा। Trump on Iran — अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए मिडिल ईस्ट में बढ़ती अमेरिकी सैन्य तैयारियों का संकेत दिया है। आयोवा में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का दूसरा नौसैनिक बेड़ा (Naval Armada) इस समय ईरान की ओर बढ़ रहा है।
ट्रंप ने कहा, “वैसे, इस वक्त ईरान की तरफ एक और खूबसूरत आर्मडा तैर रहा है। देखते हैं आगे क्या होता है। मुझे उम्मीद है कि वे एक डील करेंगे। उन्हें पहले ही डील कर लेनी चाहिए थी।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय सुरक्षा, प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है।
बातचीत और ताकत का दोहरा संदेश
Axios को दिए एक अलग इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हालात “तेजी से बदल रहे हैं”। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने क्षेत्र में बड़े सैन्य एसेट्स तैनात किए हैं, लेकिन साथ ही यह भी संकेत दिया कि कूटनीतिक समाधान अभी भी संभव है।
ट्रंप ने कहा, “ईरान के बगल में हमारे पास एक बहुत बड़ा आर्मडा है। वे बातचीत करना चाहते हैं। उन्होंने कई बार फोन किया है।”
अमेरिका बातचीत के लिए तैयार, लेकिन शर्तों पर
इंटरव्यू के बाद एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अगर ईरान स्पष्ट शर्तों के साथ बातचीत के लिए तैयार होता है, तो अमेरिका भी वार्ता के लिए तैयार है।
डील की प्रमुख शर्तें:
- यूरेनियम एनरिचमेंट पर पूरी तरह रोक
- पहले से एनरिच किए गए यूरेनियम को हटाना
- लॉन्ग-रेंज मिसाइल स्टॉक पर सीमा
- क्षेत्रीय प्रॉक्सी फोर्सेज को समर्थन खत्म करना
हालांकि, ईरान ने इन शर्तों को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है।
न्यूक्लियर ठिकानों पर हमलों का जिक्र
ट्रंप ने जून में ईरान के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने तीन ठिकानों पर हमला कर ईरान की परमाणु क्षमता को “खत्म” कर दिया था, हालांकि इसके वास्तविक असर को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने कहा, “लोग 22 साल से इस कार्रवाई का इंतजार कर रहे थे।”
आगे क्या होगा?
Axios और The Times of Israel की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप इस सप्ताह अपनी नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। मिडिल ईस्ट में USS Abraham Lincoln एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती के बाद सैन्य विकल्पों की संभावना और बढ़ गई है।








































































































































































































































































































































