राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज नेटवर्क।
लखनऊ। राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन कार्यालय का 26वां स्थापना दिवस समारोह बुधवार को हर्र्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण समेत कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गर्ई। वक्ताओं ने कहा कि दिव्यांगों की रक्षा करना और उनको न्याय दिलाना हम सभी का कर्तव्य है।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुभाष चन्द शर्मा प्रमुख सचिव दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन कार्यालय समाज में दिव्यांगजनों की मुख्यधारा में जोडऩे का कार्य कर रहा है। इस मौके पर श्रवण बाधित दिव्यांगों को हियरिंग एड्स तथा पैरों से दिव्यांगों को ट्राई साइकिल व व्हीलचेयर दी गर्ई। साथ ही टीसीआई एक्सप्रेस फाउंडेशन, जयपुर फुट और पुनर्वास केंद्र लखनऊ के सहयोग से 12 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, लखनऊ द्वारा एक विशेष दिव्यांगता प्रमाण-पत्र शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 50 दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण-पत्र तत्काल जारी किए गए। समारोह में दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें प्रमुख नाम थे गौरव खन्ना, राष्ट्रीय पैरालंपिक कोच, अभय प्रताप सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी, डीसीसीआई एवं अध्यक्ष, व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन, इच्छा पटेल, पैरालंपिक भारोत्तोलन गोल्ड मेडलिस्ट, पलक कोहली, पैरालंपिक बैडमिंटन खिलाड़ी और डा. अमित केसरी, कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जन, एसजीपीजीआई, लखनऊ शामिल थे। इन सभी को मुख्य अतिथि द्वारा शॉल, स्मृति चिह्न और बालवृक्ष देकर सम्मानित किया गया। विशिष्ट अतिथि भूपेन्द्र एस चौधरी, निदेशक दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने कहा कि दिव्यांगजन हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं, और उनका सशक्तीकरण हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। इस मौके पर प्रोफेसर हिमांशु शेखर झा, शैलेंद्र कुमार सोनकर, जयनाथ यादव, रणजीत सिंह, अमित कुमार आदि मौजूद रहे।




































































































