राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़
डीजीएमओ ने कहा कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में जो आतंकी हमला हुआ, वह पूरी तरह प्रायोजित था और बेहद क्रूरता से अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकियों ने एलओसी पार से आकर 26 निर्दोष पर्यटकों को मार डाला। आतंकियों ने उन्हें उनकी पहचान कर, धर्म पूछ कर, उनके परिवार और प्रियजनों के सामने गोली मारी। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई अनिवार्य थी।
भारतीय सेना के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि अगर हम मुरिदके की बात करें, तो यह लश्कर-ए-तैयबा का मुख्य आतंकी ठिकाना है। स्क्रीन पर जो भारतीय वायुसेना की स्ट्राइक दिख रही है, वह वहीं की है। इसमें पहले और बाद की तस्वीरें हैं, जिनमें कुछ अहम आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह किया गया है। उन्होंने बताया कि ये हमले सात मई की सुबह के शुरुआती घंटों में किए गए थे। इन स्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया गया। इसके अलावा, बहावलपुर में भी ऐसे ही हमले किए गए। उन्होंने वहां की पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरें दिखाईं, जिनमें साफ देखा जा सकता है कि रॉकेट और मिसाइलें कहां जाकर लगीं। लेफ्टिन जनरल घई ने कहा कि इन इलाकों में आतंकियों और पाकिस्तानी सेना के बीच का खुला गठजोड़ साफ दिखाई दिया। यह इतनी स्पष्टता से दिखा कि हमें भी हैरानी हुई कि उन्होंने कोई एहतियात नहीं बरती। तस्वीरें खुद सारी कहानी बयान कर रही हैं।


























































































































































































































































































































































































































































































































































































