
- यज्ञ-संस्कृति और यज्ञ-भाव से ही भारत बनेगा विश्व गुरु
- शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ से होगा विश्व शांति एवं पर्यावरण संरक्षण
रायबरेली। रायबरेली। भारत की प्राचीन संस्कृति हमेशा से यज्ञ, दान और ज्ञान के माध्यम से विश्व कल्याण की प्रेरणा देती रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आगामी वर्ष 2026 में 8 मार्च से 20 अप्रैल तक विश्व प्रसिद्ध पुष्कर तीर्थ (मणिवेदिका) में विशाल गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
इस महायज्ञ की तैयारियों के लिए रायबरेली में सत्यमित्रानंद पी.जी. कॉलेज के सभागार में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वामी श्री प्रवर जी महाराज के प्रतिनिधि संजय पांडेय (एडवोकेट) ने उपस्थित लोगों को महायज्ञ की जानकारी दी।
अखिल भारतीय ख्याति के इस गायत्री महायज्ञ की तैयारी के लिए विभिन्न जनपदों में आहूत बैठकों में रायबरेली में हुई है। यह बैठक सत्यमित्रानन्द पी जी कॉलेज रायबरेली के सभागार में संपन्न हुई । बैठक में रायबरेली जनपद के विभिन्न अंचलों से आए ब्रह्मनिष्ठ व्यक्तियों, यज्ञ जिज्ञासुओं, ज्ञान जिज्ञासुओं को महामंडलेश्वर स्वामी प्रखर जी महाराज जी ने संबोधित किया ।

उन्होंने बताया कि महायज्ञ में देश के विभिन्न हिस्सों से धर्मनिष्ठ और यज्ञनिष्ठ लोग भाग लेंगे। इस आयोजन में प्रख्यात संत जैसे गोविंद देव गिरि जी महाराज, स्वामी श्री राजेंद्र दास जी महाराज, जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री राघवाचार्य जी महाराज, पं. रमेश भाई ओझा सहित अनेक गणमान्य अध्यात्मवेत्ता और संत शामिल होंगे।
रायबरेली की बैठक में राजेंद्र कुमार बाजपेयी महाविद्यालय के प्रमुख स्थल पर हजारों विप्र गण एवं धर्मनिष्ठ लोग उपस्थित रहे। इसमें प्रमुख रूप से विजय शंकर अग्निहोत्री, कमलेश पांडेय, लक्ष्मी शंकर बाजपेयी, रोहित बाजपेयी, मनीष त्रिपाठी, नवल किशोर बाजपेयी, राजेंद्र अवस्थी, कमलेश डिवेडी, रिक्की पांडेय, ओम प्रकाश शुक्ल, सुधांशु बाजपेयी, सिद्धेश्वर मिश्र शामिल थे।
स्वामी श्री प्रवर जी महाराज ने रायबरेलीवासियों से प्रत्यक्ष और परोक्ष भागीदारी का आवाहन किया, ताकि यह महायज्ञ एक सफल और दिव्य आयोजन बन सके।





























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































