नई दिल्ली
साल 2025 भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। यह साल सिर्फ जीत का नहीं, बल्कि दबाव में दम दिखाने, फाइनल में संयम रखने और ट्रॉफी उठाने का साल रहा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लेकर घरेलू आईपीएल तक, भारतीय खिलाड़ियों और टीमों ने वो कर दिखाया, जिसका इंतजार करोड़ों प्रशंसक वर्षों से कर रहे थे।
12 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी पर फिर कब्जा जमाया। दुबई में खेले गए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 251 रन बनाए। जवाब में भारत की शुरुआत सधी हुई रही। कप्तान रोहित शर्मा ने फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में अनुभव का शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्मेदार अर्धशतकीय पारी खेली। मध्यक्रम ने दबाव को संभाला और अंत में भारत ने 49वें ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। यह जीत खास इसलिए भी रही क्योंकि भारत ने पूरा टूर्नामेंट अजेय रहते हुए खिताब जीता और एक बार फिर खुद को आईसीसी टूर्नामेंट का सबसे मजबूत दावेदार साबित किया।
भारत-पाकिस्तान का मुकाबला हमेशा भावनाओं से भरा होता है, और जब दांव पर एशिया कप की ट्रॉफी हो, तो रोमांच अपने चरम पर होता है। फाइनल में पाकिस्तान ने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा की संयमित और मैच-जिताऊ पारी ने भारत को जीत की ओर अग्रसर किया। अंततः भारत ने पांच विकेट से मुकाबला जीतकर अपना नौवां एशिया कप खिताब अपने मतलब किया। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि मानसिक बढ़त और दबदबे का प्रतीक भी थी।
2025 महिला क्रिकेट के लिए भी ऐतिहासिक रहा। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने वो कर दिखाया, जो वर्षों से सपना था। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर भारत ने पहला आईसीसी महिला विश्व कप जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया और बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा आत्मविश्वास के साथ किया। जैसे ही जीत का रन बना, मैदान से लेकर देश की सड़कों तक जश्न फैल गया। यह जीत सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि महिला खेलों के आत्मविश्वास और सम्मान की जीत थी।
आईपीएल इतिहास का सबसे भावुक और प्रतीक्षित पल 2025 में आया, जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आखिरकार अपनी पहली आईपीएल ट्रॉफी जीत ली। फाइनल में आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मजबूत स्कोर खड़ा किया। गेंदबाजों ने अंत के ओवरों में जबरदस्त नियंत्रण दिखाया और पंजाब किंग्स को छह रन से रोक दिया। विराट कोहली, जो वर्षों से इस फ्रेंचाइजी का चेहरा रहे हैं, जीत के बाद भावुक नजर आए। यह जीत सिर्फ एक टीम की नहीं, बल्कि उन करोड़ों प्रशंसकों की थी, जो हर साल ‘ई साल कप नामदे’ कहते आए थे। 18 साल का इंतजार, एक रात में इतिहास बन गया।







































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































