“खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तर प्रदेश की वर्चुअल बैठक में प्रशिक्षण केंद्रों हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराने, बजट प्रस्ताव तैयार करने, और स्थापित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के प्लान मैप प्रमाणन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने विभागीय कार्यों की गति बढ़ाने पर जोर दिया।”
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के अनुपालन में अपर मुख्य सचिव, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण एवं रेशम विभाग, उत्तर प्रदेश शासन श्री बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में मंगलवार को विभागीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित की गई।
बैठक में निदेशक खाद्य प्रसंस्करण, उप निदेशक श्रीमती गीता व श्री महिपाल, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी श्रीमती कंचन भारती, सलाहकार डॉ. अरविन्द्र कुमार सिंह, निदेशक आर-फ्रैक सहित विभागीय एवं फील्ड स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशिक्षण केंद्रों हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण केंद्रों को नीति-2023 के अंतर्गत पूर्व में 15 लाख तथा 5 लाख रुपए की धनराशि प्रदान की गई थी।
उन्होंने निर्देशित किया कि—
- इससे संबंधित कार्यों हेतु प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
- विभाग के सभी अधिकारियों को 10-10 के बैच बनाए जाएं और
- एक माह के भीतर मुख्यालय पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
साथ ही, आगामी बजट में CIC व फल संरक्षण/अनुरक्षण केंद्रों के रखरखाव हेतु प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।
विभागीय कार्यों की गति बढ़ाने पर जोर
श्री बी.एल. मीणा ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय कार्यों की प्रगति तेज की जाए और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो।
खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 से संबंधित दूसरी महत्वपूर्ण बैठक
अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में बुधवार को आगरा, अमरोहा, बरेली, फतेहपुर, गोरखपुर, झांसी, कानपुर देहात, कुशीनगर, लखनऊ, पीलीभीत, रायबरेली, रामपुर, सुल्तानपुर सहित कई जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी व उद्यमी मित्रों के साथ एक अन्य वर्चुअल बैठक आयोजित हुई।
स्थापित इकाइयों के प्लान मैप प्रमाणन पर विशेष निर्देश
बैठक में यह मामला सामने आया कि खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 के अंतर्गत स्थापित कुछ इकाइयों का फैक्ट्री/प्लान मैप सक्षम प्राधिकारी से प्रमाणित नहीं हुआ है, जिससे प्रक्रियाओं में विलंब हो रहा है।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए—
- सभी जिला पंचायत अधिकारी व उद्यमी मित्र स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कराएं।
- यदि किसी इकाई में निर्माण कार्य अधूरा है, तो निवेशक को तुरंत पूर्ण कराने के निर्देश दिए जाएं।
- यदि मामला जिला पंचायत से संबंधित नहीं है, तो संबंधित विभाग से समन्वय कर निस्तारण कराया जाए।
- जनपद में उपलब्ध फल, सब्जी, अनाज उत्पादन के आधार पर निवेशकों और स्टार्ट-अप्स को नीति-2023 के अंतर्गत आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाए।
- खाद्य प्रसंस्करण विभाग का यह प्रयास राज्य में निवेश, औद्योगिक विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए राष्ट्रीय प्रस्तावना के साथ जुड़े रहें। ताज़ा सरकारी कार्रवाइयों और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”
विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल
















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































