
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में 11,000 करोड रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग संविधान के साथ सिर्फ नाचते हैं, जबकि उनकी सरकार ने हमेशा संविधान का सम्मान किया है।पीएम मोदी ने कहा, ‘कुछ लोग संविधान के साथ नाचते हैं। वे अपनी सरकार में संविधान को कुचलते थे।’ यह टिप्पणी विपक्ष के उन आरोपों का सीधा जवाब मानी जा रही है, जिसमें विपक्षी दल मोदी सरकार पर संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाते रहे हैं।
श्रमिकों का शोषण करने वाले कानून खत्म किए
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की नीतियों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने श्रमिकों का शोषण करने वाले कई पुराने और बेकार कानूनों को खत्म कर दिया है। उन्होंने विशेष रूप से सफाई कर्मचारियों से जुडे एक कानून का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘हमारे सफाई कर्मचारियों के पास एक ऐसा कानून था जिसके तहत अगर वे काम पर नहीं आते, तो उन्हें एक महीने के लिए जेल भेजा जा सकता था।’ उन्होंने सवाल उठाया, ‘वे सफाई कर्मचारियों के बारे में क्या सोचते थे?’ पीएम मोदी ने बताया कि उनकी सरकार ने ऐसे शोषणकारी कानूनों को खत्म कर दिया है, जिससे श्रमिकों को सम्मान और सुरक्षा मिली है।
दिल्ली का विकास, विकसित भारत का आईना
पीएम मोदी ने दिल्ली के विकास को ‘विकसित भारत’ के मॉडल के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली का विकास इस तरह होना चाहिए कि लोगों को लगे कि यह एक विकसित भारत की राजधानी है।’ उन्होंने दिल्ली को एक बेहतर शहर बनाने के अपने संकल्प को दोहराया। इस मौके पर उन्होंने द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड (UER-II) जैसी परियोजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि UER-II सडक बनाने के लिए लाखों टन कचरे का इस्तेमाल किया गया है, जो दिल्ली के कूडे के पहाडों को कम करने में भी मदद कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में चल रहे यमुना सफाई अभियान और इलेक्ट्रिक बसों की बढती संख्या की भी तारीफ की, जो ‘ग्रीन दिल्ली, क्लीन दिल्ली’ के सपने को पूरा करने की दिशा में एक बडा कदम है।