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PM मोदी DGP IGP सम्मेलन छत्तीसगढ़ में आज अंतिम दिन है। अमित शाह, NSA डोभाल और देश भर के DGP-IGP के साथ आतंरिक सुरक्षा, नक्सलवाद, साइबर सुरक्षा और आधुनिक policing रणनीति पर चर्चा हुई।

रायपुर। PM मोदी DGP IGP सम्मेलन छत्तीसगढ़ में आज अंतिम दिन है। 60वें अखिल भारतीय DGP–IGP सम्मेलन का समापन होगा, जिसमें देश की आंतरिक सुरक्षा, पुलिस सुधार और आधुनिक चुनौती-प्रबंधन रणनीतियों पर अंतिम रूप से फैसला लिया जाएगा।

सम्मेलन का व्यापक स्वरूप और प्रमुख उपस्थिति

  • 28 से 30 नवंबर तक आयोजित इस सम्मेलन में शीर्ष नेतृत्व शामिल हुआ: Narendra Modi, Amit Shah और Ajit Doval प्रमुख थे।
  • यह पहली बार है जब यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ (नया रायपुर / IIM परिसर) में हो रहा है।
  • सम्मेलन को लेकर राजधानी रायपुर को हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में बदल दिया गया: SPG, NSG, CRPF, राज्य पुलिस सहित कई सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा प्रबंध बढ़ाए।

चर्चा के मुख्य एजेंडा और फोकस

  • आंतरिक सुरक्षा, नक्सलवाद (Left-Wing Extremism), आतंकवाद-विरोधी रणनीति — विशेष रूप से नक्सल प्रभावित राज्यों की रणनीति को मजबूत करना।
  • साइबर सुरक्षा, क्राइम नियंत्राण, आधुनिक पुलिसिंग, फोरेंसिक व AI आधारित policing — बदलते सुरक्षा खतरों के मुकाबले आधुनिक तकनीकों का उपयोग।
  • ड्रग माफिया, सीमापार आतंकवाद, असहयोगी तत्वों पर सख्त कार्रवाई — राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करना।
  • पुलिस सुधार, राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय, बेस्ट प्रैक्टिस शेयरिंग — बेहतर न्यायपालिका, त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था और सामूहिक सुरक्षा मॉडल।

क्यों है यह सम्मेलन राष्ट्रीय दृष्टिकोण से अहम

  • यह सम्मेलन भविष्‍य की सुरक्षा चुनौतियों का रोडमैप तय करेगा — साइबर क्राइम, नक्सलवाद, आतंकवाद, ड्रग्स, सीमा सुरक्षा, आधुनिक अपराध से निपटने की रणनीति।
  • राज्यों और केंद्र की एजेंसियों के बीच समन्वित प्रयास, इंटेलिजेंस शेयरिंग, बेहतर कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम की रूपरेखा तय होगी।
  • आधुनिक policing, forensic विज्ञान, AI-आधारित निगरानी जैसे तरीकों को देशव्यापी पैमाने पर अपनाने का प्रस्ताव संभव।
  • “विकसित भारत – सुरक्षा आयाम” के तहत, देश को 2020s में बदलते सुरक्षा परिदृश्य से सुरक्षित रखने की दिशा निर्धारित होगी।

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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल

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