राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से मुलाकात की। शुक्ला, जो 25 जून से 15 जुलाई तक एक्सिओम-4 वाणिज्यिक मिशन का हिस्सा थे, ने प्रधानमंत्री से उनके लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर मुलाकात की। मोदी ने शुक्ला का गर्मजोशी से स्वागत किया, जो इसरो अंतरिक्ष यात्री की जैकेट पहने हुए थे और अंतरिक्ष यात्री के कंधे पर हाथ रखकर उनके साथ चले।अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बताया कि भारत के गगनयान मिशन को लेकर दुनियाभर में काफी दिलचस्पी है और वैज्ञानिक इसका हिस्सा बनने के इच्छुक हैं। प्रधानमंत्री के साथ सोमवार शाम को बातचीत में शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) तक की अपनी अंतरिक्ष यात्रा, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण स्थितियों के साथ तालमेल और कक्षीय प्रयोगशाला में किए गए प्रयोगों के बारे में अपने अनुभव भी साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी के साथ शुक्ला की बातचीत का वीडियो मंगलवार को साझा किया गया।शुक्ला ने कहा, ‘‘भारत के गगनयान मिशन को लेकर लोग बेहद उत्साहित हैं। मेरे मिशन के कई साथी (एक्सिओम-4 मिशन के) इस प्रक्षेपण के बारे में जानना चाहते थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मिशन के मेरे कई साथियों ने मुझसे वादा भी लिया कि उन्हें गगनयान मिशन के प्रक्षेपण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। वे हमारे यान में यात्रा करना चाहते थे।’’ वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए 40-50 अंतरिक्ष यात्रियों का एक समूह तैयार करना जरूरी है।अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की महत्वाकांक्षाओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘मैंने कहा था कि आपका मिशन पहला कदम है।’’ मोदी ने शुक्ला से कहा कि आईएसएस के लिए उनका मिशन भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं में सहायक होगा। भारत की 2027 में अपना पहला मानव अंतरिक्ष यान भेजने तथा 2035 तक खुद का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की योजना है। भारत की 2040 तक चंद्रमा पर अपना अंतरिक्ष यात्री उतारने की भी योजना है।

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