राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क कौशाम्बी : भवंस मेहता विद्याश्रम भरवारी में सोमवार को शिक्षा और संस्कार से जुड़ा एक भावनात्मक व प्रेरणादायक आयोजन सम्पन्न हुआ। विद्यालय की शिक्षिका आकांक्षा गुप्ता ने अपने पूज्य गुरु स्वर्गीय प्रोफेसर आर. एन. गोयल की स्मृति में विद्यालय पुस्तकालय हेतु 200 बहुमूल्य पुस्तकें दान कर ज्ञान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। दान की गयी पुस्तकें अंग्रेज़ी साहित्य, कम्युनिकेशन स्किल्स एवं योग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित हैं जो विद्यार्थियों के बौद्धिक, भाषायी एवं व्यक्तित्व विकास में सहायक होंगी। पुस्तकें विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बलैया गंगारबोइना को ससम्मान भेंट की गयी। इस अवसर पर प्रधानाचार्य ने प्रो. आर. एन. गोयल के जीवन एवं शिक्षण योगदान को स्मरण करते हुए बताया कि उनका जन्म वर्ष 1936 में हुआ था। उन्होंने बॉम्बे से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में बी.ए. एवं एम.ए. की डिग्री द्वितीय स्थान के साथ प्राप्त की। वर्ष 1961 में उन्होंने सी.एम.पी. डिग्री कॉलेज, इलाहाबाद में प्रवक्ता के रूप में सेवा प्रारंभ की और तीन दशकों से अधिक समय तक हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा दी।
प्रधानाचार्य ने कहा कि प्रो. गोयल की कक्षाएँ अत्यंत जीवंत, रोचक और प्रेरणादायक होती थीं। वे केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहते थे, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, खेलकूद और स्वस्थ जीवनशैली पर भी विशेष बल देते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने दिसंबर 2025 तक शिक्षण कार्य जारी रखा। उनका प्रेरक कथन “मैं अंग्रेज़ी का छात्र हूँ, अभी भी सीख रहा हूँ।” आज भी शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रेरित करता है। प्रो. गोयल ने तीन पीढ़ियों पिता, पुत्र और पोते को शिक्षा देने का दुर्लभ गौरव प्राप्त किया। पुस्तकों के प्रति उनका प्रेम उनकी सबसे बड़ी पूंजी थी जो आज उनकी शिष्या के माध्यम से विद्यालय के छात्रों तक पहुंची है।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक संदीप सक्सेना, कोषाध्यक्ष डॉ. प्रशांत अग्रवाल व प्रधानाचार्य बलैया गंगारबोइना ने आकांक्षा गुप्ता के इस सराहनीय प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया तथा आश्वस्त किया कि इन पुस्तकों का संरक्षण के साथ ही विद्यार्थियों के अध्ययन में इनका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जायेगा। विद्यालय परिवार ने छात्रों से अपील की कि वे इन पुस्तकों का नियमित अध्ययन करें, अपनी अंग्रेज़ी पढ़ने-लिखने-बोलने की क्षमता को सशक्त बनाएं व पुस्तकों का सम्मान करते हुए ज्ञानार्जन की इस परंपरा को आगे बढ़ाएं। कार्यक्रम में उप-प्रधानाचार्य सुधाकर सिंह, स्कूल कोऑर्डिनेटर श्री नसीम अंसारी, शिक्षक श्री अवधेश मिश्रा सहित समस्त शिक्षकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।






















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































