दक्षिण अमेरिका में अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास समेत कई ठिकानों पर हमले किए, जिसकी पुष्टि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की। ट्रंप ने दावा किया कि इस कार्रवाई के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर देश से बाहर भेज दिया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में काराकास में धमाकों और आग के गुबार देखे गए, जिसके बाद वैश्विक स्तर पर हलचल मच गई। सवाल यह है कि आखिर अमेरिका ने वेनेजुएला को निशाना क्यों बनाया और दोनों देशों की दुश्मनी की जड़ क्या है?

दरअसल, अमेरिका और वेनेजुएला के बीच विवाद वर्षों पुराना है, जिसका केंद्र तेल और भू-राजनीति रही है। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि मादुरो सरकार ड्रग्स तस्करी में शामिल है और अमेरिका में प्रवासी संकट को बढ़ावा दे रही है। इसी आधार पर अमेरिका ने वेनेजुएला पर प्रतिबंध लगाए, उसकी नावों और तेल टैंकरों को निशाना बनाया और कैरिबियाई सागर में भारी सैन्य तैनाती की।

वहीं, वेनेजुएला ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिका ड्रग्स का बहाना बनाकर उसके विशाल तेल भंडार पर कब्जा करना चाहता है। वेनेजुएला का दावा है कि यह कार्रवाई उसकी संप्रभुता के खिलाफ है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।

विशेषज्ञों के अनुसार, वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा सिद्ध तेल भंडार है और रूस-चीन जैसे देशों से उसकी बढ़ती नजदीकियां अमेरिका के लिए रणनीतिक चुनौती बनी हुई हैं। इसी वजह से ट्रंप प्रशासन अपने दूसरे कार्यकाल में वेनेजुएला पर दबाव और सैन्य कार्रवाई को तेज कर रहा है।

फिलहाल, अमेरिकी हमलों के बाद क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति में नई अनिश्चितता पैदा हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह टकराव कूटनीति की ओर मुड़ता है या दक्षिण अमेरिका में तनाव और बढ़ता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *