The stage resounded with devotion and joy: 'Lanka Dahan' and 'Bal Krishna Leela' moved the devotees.
  • February 14, 2026
  • kamalkumar
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राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क हरदोई : धार्मिक आयोजन के अंतर्गत शनिवार को भगवान श्रीराम के चरित्र पर आधारित ‘लंका दहन’ लीला का भव्य मंचन किया गया। वृंदावन से आए कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से दर्शकों को त्रेतायुग की दिव्य झलक दिखा दी।

लीला में दर्शाया गया कि सीता माता की खोज में वानर सेना समुद्र तट पर पहुंचती है। वहां जामवंत जी, हनुमान जी को उनका अद्भुत बल स्मरण कराते हैं। इसके बाद हनुमान जी समुद्र लांघकर लंका पहुंचते हैं और विभीषण से भेंट करते हैं। अशोक वाटिका में हनुमान जी सीता माता को श्रीराम की मुद्रिका प्रदान करते हैं। रावण द्वारा सीता माता को धमकाने का दृश्य अत्यंत मार्मिक रहा।

आगे की लीला में हनुमान जी अशोक वाटिका में फल तोड़ते हैं, मेघनाथ उन्हें बंदी बनाकर रावण के दरबार में ले जाता है। रावण के आदेश पर उनकी पूंछ में अग्नि लगा दी जाती है, जिसके बाद हनुमान जी स्वर्ण लंका को अग्नि से प्रज्वलित कर देते हैं। यह दृश्य देखकर पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा और भक्तगण भाव-विभोर हो गए।

कार्यक्रम के मुख्य आयोजकों में श्री राम प्रकाश शुक्ला, श्री कृष्ण अवतार दीक्षित, अमलेन्द्र नाथ मिश्रा, संजीव कुमार श्रीवास्तव, उमेश चंद्र मिश्रा, राजेंद्र त्रिवेदी, रजनीश श्रीवास्तव, श्री प्रेम शंकर द्विवेदी, अशोक शुक्ला, प्रदीप पाठक, प्रीतेश दीक्षित, प्रियम मिश्रा, मनोज शुक्ला, विनीत मिश्रा, त्रिलोकी नाथ, प्रमोद मिश्रा, मुनेन्द्र सिंह, समीर शुक्ला, कुलदीप तिवारी, अभय पाण्डेय सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।


रात्रि लीला में ‘बाल कृष्ण’ की मनमोहक झांकी

रात्रि लीला में बाल कृष्ण लीला का सुंदर मंचन किया गया। निकुंज में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा चंद्रबली के साथ की गई मनोरम लीला और गोपी रूप धारण कर माखन मांगने का प्रसंग अत्यंत आकर्षक रहा। ब्रज की भाव-भंगिमाओं और मधुर संवादों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस दिव्य प्रस्तुति को देखकर श्रद्धालु भावुक हो उठे और पूरा परिसर भक्ति रस में सराबोर हो गया।

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