The secretary posted in the development block Nakaha is ignoring the orders of the Chief Minister.
  • February 17, 2026
  • kamalkumar
  • 0

राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क गोला गोकर्णनाथ खीरी :  विकास खंड नकहा में ग्राम पंचायतों के संचालन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। मामला जानने से पहले यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि पंचायती राज विभाग के अधिनियम व सेवा नियमों के अनुसार विकास खंड में तैनात ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (GPDO) या ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को निजी तौर पर किसी मुंशी या निजी सहायक को रखने का कोई अधिकार नहीं है। सरकारी कार्यों के लिए विभाग द्वारा तकनीकी सहायक अथवा अन्य स्वीकृत कर्मी उपलब्ध कराए जाते हैं। सरकारी सेवक आचरण नियमावली के तहत निजी मुंशी रखना नियमों के विरुद्ध है और इस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद आरोप है कि विकास खंड नकहा में तैनात कई सचिवों ने निजी मुंशी तैनात कर रखे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी कार्य के लिए सचिव से पहले मुंशी से मिलना “अनिवार्य” हो गया है और कई मामलों में सुविधा शुल्क लेकर काम निपटाए जाने के आरोप भी लग रहे हैं। विशेष रूप से विकास खंड नकहा में तैनात सचिव अंजली भास्कर को लेकर यह शिकायत सामने आई है कि उनसे संपर्क करना अत्यंत कठिन है। पत्रकारों द्वारा 12 फरवरी (12:47), 13 फरवरी (1:02) और 14 फरवरी (1:10) को लगातार कॉल किए जाने के बावजूद न तो फोन उठाया गया और न ही कॉल बैक की गई। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या जानबूझकर संपर्क से बचा जा रहा है। यह स्थिति योगी आदित्यनाथ के उस स्पष्ट निर्देश के विपरीत बताई जा रही है, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों को जनता के फोन उठाकर उनकी समस्याएं सुनने और समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि फोन न उठने की स्थिति में उन्हें जानकारी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे सरकारी योजनाओं की जानकारी, शिकायत निवारण और समस्याओं का समाधान प्रभावित हो रहा है। सूत्रों का दावा है कि विकास खंड नकहा में तैनात कुछ सचिवों से जुड़े मामलों का काला चिट्ठा साक्ष्यों सहित शीघ्र ही मुख्य विकास अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस संबंध में हुई वार्ता के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी कार्य नियमों के विरुद्ध पाया जाता है, तो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की मांग की है, ताकि ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *