राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क हरदोई: नैमिषारण्य 84 कोसी परिक्रमा हरदोई जिले के दूसरे पड़ाव के अंतर्गत श्री हत्या हरण तीर्थ पर संत महात्माओं ने लगाई आस्था की डुबकी क्षेत्रीय लोगों की माने तो इस वर्ष परिक्रमा में संत महात्मा एवं ग्रस्तों की काफी भीड़ देखने को मिली है परिक्रमा को इस बार तहसील प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का भी अच्छा खासा सहयोग मिला है पुलिस प्रशासन की सतर्कता को देखते हुए अभी तक किसी भी प्रकार की कोई सूचना संज्ञान में नहीं आई है और श्रद्धालुओं की पहले से ज्यादा भीड़ को देखते प्रशासन एकदम अलर्ट मोड पर रहा परिक्रमा पढ़ाओ की व्यवस्था देख संत महात्माओं की नाराजगी को देखते हुए खासकर नैमिष कथा वाचक पीठाधीश्वर अनिल शास्त्री की नाराजगी के बाद उप जिला अधिकारी नारायणी भाटिया संडीला तहसीलदार आकांक्षा अग्निहोत्री के निर्देशन पर हत्या हरण तीर्थ की बिजली एवं साफ सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कराई गई सभी मार्गों की व्यवस्थाएं जहां चाक चौबंद 2 दिन में की गई है वहीं पर जल स्वास्थ्य बिजली सड़क साफ सफाई जैसी व्यवस्थाएं खंड विकास अधिकारी कोथावां ने सक्रियता दिखाते हुए कार्य में लापरवाही बरतने पर कई ग्राम पंचायत के अधिकारियों का वेतन रोका और कार्यवाही की तभी अचानक व्यवस्थाएं रंग लाई अब दुरुस्त नजर आने लगी हैं। जर्जर मार्गो एवं अव्यवस्थाओं का कुछ दिन पूर्व राष्ट्रीय प्रस्तावना ने खबर को प्रकाशित किया था जिसका साधु संत महात्माओं ने स्वागत किया था और प्रशासन भी हरकत में आया व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर दी। जिससे अब परिक्रमार्थियों को राहत नजर आने लगी है। परिक्रमा पर आए साधु संत एवं देश-विदेश से परिक्रमार्थी 15 दिनों तक 84 कोसी परिक्रमा में पैदल ही मार्ग को तय करते हैं। संत महात्माओं के अनुसार मान्यता यह भी है कि पौराणिक तीर्थ श्री हत्या हरण भगवान राम भी त्रेता युग में इसी परिक्रमा में आए थे और यहां से स्नान कर ब्रह्म दोष से मुक्त हुए थे यहां पर विशेष रूप से श्री हनुमान जी महाराज एवं पंचमुखी भोले बाबा विराजमान है जिनका वर्णन शिवपुराण द्वादश अध्याय में आता है जिनके दर्शन करके व्यक्ति अपने मोक्ष की कामना करता है श्री हत्या हरण तीर्थ प्रांगण में ही समस्त लोक कल्याण एवं मानव कल्याण हेतु 14 वर्षों तक अनवरत चलने वाला श्री सीताराम नाम संकीर्तन भी चल रहा है जिसमें 366 टीम में बनाई गई है हर टीम को वर्ष में एक बार अपनी डेट के अनुसार श्री सीताराम नाम संकीर्तन करने का सौभाग्य प्राप्त होता है समस्त मानव जाति के कल्याण हेतु इस श्री सीताराम नाम संकीर्तन में क्षेत्रीय एवं आसपास के कई जिलों से टीमें बनाई गई है श्री हनुमान जी महाराज की अध्यक्षता एवं संरक्षता 3 वर्षों से निरंतर श्री सीताराम नाम संकीर्तन चल रहा है क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि अगर हनुमान जी महाराज की कृपा रही तो निरंतर चलता भी रहेगा जिसका समापन दिवस चैत्र पूर्णिमा 2037 होगा इस अनुष्ठान में भी शासन प्रशासन एवं क्षेत्रीय लोगों का काफी सहयोग बना रहता है गत वर्षो की भांति इस वर्ष शासन प्रशासन काफी गंभीर था लेकिन कुछ अधिकारियों की लापरवाही के चलते उदासीनता भी नजर आ रही थी उसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों साधु संतों ने सभी मार्गों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे लेकिन फिर भी जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां होने पर। पीठाधीश्वर अनिल शास्त्री ने परिक्रमा न करने का निर्णय लिया अब व्यवस्थाएं जब सही नजर आने लगी तो उन्होंने भी सभी पड़ाव स्थलों पर पहुंचने का ऐलान कर दिया है और कहा है जो सीतापुर हरदोई प्रशासन द्वारा कार्य किया गया है वह सराहनीय है और अब साधु संतों भक्तों को कठिनाइयों से नहीं गुजरना पड़ेगा

































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































