A thrilling enactment of the Ram-Ravan battle at the Hardoi Ramlila, accompanied by a heartfelt drama about protecting the honour of a devotee at night.
  • February 19, 2026
  • kamalkumar
  • 0

राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क हरदोई : श्री राम लीला कमेटी, हरदोई द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव में आज भगवान श्रीरामचंद्र जी के जीवन प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। वृंदावन से आए सुंदर कलाकारों ने “राम और रावण सेना के युद्ध” की लीला को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

प्रथम दिवस के युद्ध में भगवान श्रीराम की सेना ने रावण की आधी सेना का संहार कर दिया। जब यह समाचार रावण तक पहुँचा तो वह क्रोधित हो उठा और उसने अपने पुत्र मेघनाथ को युद्ध के लिए भेजा। मेघनाथ ने युद्धभूमि में पहुंचकर घोर संग्राम किया और रामदल में हाहाकार मचा दिया। दोनों पक्षों के बीच भीषण युद्ध होता रहा, किंतु संध्या होते ही युद्ध विराम हो गया। युद्ध का यह अद्भुत दृश्य देखकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

कार्यक्रम के मुख्य आयोजकों में श्री राम प्रकाश शुक्ला, श्री कृष्ण अवतार दीक्षित, अमलेन्द्र नाथ मिश्रा, श्री प्रेम शंकर द्विवेदी, अशोक शुक्ला, प्रदीप पाठक, प्रीतेश दीक्षित, प्रियम मिश्रा, मनोज शुक्ला, विनीत मिश्रा, त्रिलोकी नाथ, प्रमोद मिश्रा, मुनेन्द्र सिंह, समीर शुक्ला, कुलदीप तिवारी, अभय पाण्डेय सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।

इसी क्रम में रात्रि लीला के अंतर्गत “भक्त की लाज रखने की लीला” का मंचन किया गया। प्रसंग में एक भक्त की पुत्री के भात-भराई का दृश्य प्रस्तुत किया गया। पत्रिका पढ़कर भक्त चिंतित हो जाते हैं, तभी भगवान स्वयं ‘सावल शाह’ का रूप धारण कर भात भरते हैं और भक्त की लाज रखते हैं। भक्ति और विश्वास से ओतप्रोत इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

रामलीला का यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक परंपरा का अनुपम संगम बन गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *