राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क खीरी : 70वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, लखीमपुर खीरी में 62वाँ एसएसबी स्थापना दिवस अत्यंत हर्षोल्लास, अनुशासन एवं उत्साह के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया । यह कार्यक्रम बल के गौरवशाली इतिहास, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा । कार्यक्रम की शुरुआत खेल प्रतियोगिताओं से हुई, जिसमें गोला फेंक, भाला फेंक, डिस्क थ्रो , टग ऑफ़ वॉर सहित विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया । इन प्रतियोगिताओं में वाहिनी के बलकर्मियों एवं संदिक्षा सदस्यों ने पूर्ण जोश, अनुशासन एवं खेल भावना का परिचय देते हुए सक्रिय सहभागिता निभाई। खेल आयोजनों का उद्देश्य बलकर्मियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना तथा आपसी समन्वय को मजबूत करना रहा ।
इसके उपरांत वाहिनी परिसर में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें संदिक्षा सदस्यों, बच्चे एवं बलकर्मियों ने देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी सदस्यों का उत्साहवर्धन किया तथा पूरे वातावरण को देशभक्ति एवं उल्लास से ओत-प्रोत कर दिया । कार्यक्रम के दौरान समस्त बलकर्मी एवं संदिक्षा सदस्य उपस्थित रहे एवं आयोजन के अंत में सभी बलकर्मियों के लिए बड़े खाने (सामूहिक भोज) का भी भव्य आयोजन किया गया। इस सामूहिक भोज के माध्यम से बलकर्मियों के मध्य आपसी भाईचारे, सौहार्द एवं एकता की भावना को और अधिक मजबूती मिली । इस गरिमामय अवसर पर मुकेश कुमार गौतम, द्वितीय कमान अधिकारी, राजू यादव, उप कमांडेंट, विश्वनाथ मिश्रा , उप कमांडेंट , आयुष मिश्रा, सहायक कमांडेंट, समीर राणा, सहायक कमांडेंट (संचार) सहित वाहिनी के समस्त अधीनस्थ अधिकारीगण उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त वाहिनी के सभी बलकर्मियों ने भी कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई ।उपस्थित मुकेश कुमार गौतम, द्वितीय कमान अधिकारी द्वारा अपने संबोधन में सशस्त्र सीमा बल के गौरवशाली इतिहास, अनुशासन, निष्ठा एवं राष्ट्र सेवा में बल की भूमिका पर प्रकाश डाला गया तथा सभी बलकर्मियों को कर्तव्यपरायणता एवं एकजुटता के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया ।सम्पूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं अनुशासित वातावरण में सम्पन्न हुआ और यह आयोजन सभी उपस्थित सदस्यों के लिए प्रेरणादायक एवं अविस्मरणीय रहा ।






















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































