राष्ट्रीय प्रस्तवना न्यूज़ नेटवर्क कौशाम्बी : वीर बाल दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत “राष्ट्र निर्माण में मेरी भूमिका” विषय पर जनपद में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में विकसित भारत के लिए मेरा विजन, भारत के इतिहास से वीरता की कहानियां, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं हर बालिका है सशक्त जैसी थीम पर आधारित गतिविधियां संपन्न करायी गयी। यह कार्यक्रम प्राथमिक विद्यालय समदा, प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय घना का पूरा, राजकीय महामाया डिग्री कॉलेज, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, प्राथमिक विद्यालय कोड़र, वन स्टॉप सेंटर सहित विभिन्न विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका, शिक्षा के महत्व, उसकी उपयोगिता तथा देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों की गाथाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। बच्चों के ज्ञानवर्धन हेतु पोस्टर, स्लोगन एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। यह अभियान 26.12.2025 तक जनपद के प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा संस्थानों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में निरंतर संचालित किया जाएगा, जिससे बच्चों में देशप्रेम, नैतिक मूल्यों का विकास एवं समग्र ज्ञानवर्धन सुनिश्चित किया जा सके। महिला कल्याण विभाग के हब फॉर इम्पॉवरमेंट, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के कर्मचारियों द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बच्चों को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई गई तथा जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। उन्हें अवगत कराया गया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक विकास में गंभीर बाधा उत्पन्न करता है। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम हेतु विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों 1098, 1090, 181 एवं 112 की जानकारी दी गयी। साथ ही महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एवं निराश्रित महिला पेंशन योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए पम्पलेट का वितरण किया गया। कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग से संरक्षण अधिकारी श्री अजीत कुमार, जिला समन्वयक पूनम पाल, जेंडर स्पेशलिस्ट अंजू द्विवेदी, उमा साहू, चाइल्ड हेल्पलाइन से सविता देवी एवं सीमा, वन स्टॉप सेंटर से रमा मिश्रा, जिला बाल संरक्षण इकाई से परामर्शदाता मालती देवी, ए0एच0टी0यू0 टीम सहित महामाया डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, प्राथमिक विद्यालयों के स्टाफ तथा बड़ी संख्या में बालक एवं बालिकाएं उपस्थित रहीं।






















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































