राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क खीरी : जिले में गेंहू व सरसों की बुवाई का सीजन चल रहा है, लेकिन यूरिया की किल्लत के कारण किसान बेहद परेशान हैं। सुबह से लेकर शाम तक सरकारी समिति पर लंबी कतार यूरिया खाद की कमी को जमीनी स्तर पर खुद बयां कर रहा है। बेहजम ब्लॉक क्षेत्र की किसान सरकारी समिति पर किसानों के द्वारा लंबी लाइन में लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं,और नंबर आने तक खाद समाप्त हो जाती हैं,किसान निराश होकर घर लौट आते हैं। किसानों की भीड़ इतनी है कि एक दिन का काम कई दिन में नहीं कर पा रही साधन सहकारी समिति के कर्मचारी,सुबह 9 बजें से टोकन लेना उसके बाद, बारी आने पर अंगूठा लगा यूरिया खाद पाना एक किसानों के लिए परेशानियां का सबब बना हुआ है,बेहजम ब्लॉक क्षेत्र में यूरिया खाद का टोटा पड़ हुआ है और किसानों की मांग के मुताबिक खाद किसानों को नहीं मिल पा रही है।
बेहजम ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत लखनियांपुर साधन सहकारी समिति के किसान सुंदर लाल यादव ग्राम लौका निवासी बताते हैं कि यूरिया लेने के लिए पहले आपको सरकारी सीमित पर सुबह से लंबी कतार में लगकर टोकन लेना जद्दोजहद से कम नहीं हैं,उसके बाद आपका फिंगर लगाया जाएगा,तब जाकर शाम तक हमें यूरिया मिल पा रही है,दो दिन से लगातार हम समिति आ रहे हैं, हमें अपनी फसलों में दो बोरी यूरिया डालनी है, लेकिन साधन सहकारी समिति पर यूरिया के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही है। वहीं भूलनपुर साधन सहकारी समिति के किसान मनोज मौर्य बताते हैं कि अगर हम यूरिया खाद प्राइवेट दुकानों से खरीदते हैं तो ₹330 से ₹350 प्रति बोरी के हिसाब से मिलती है,उसके साथ जिंक का एक थैला भी किसानों को खरीदना पड़ता है,हम सब परेशान हैं।
क्या बोले साधन सहकारी समिति अध्यक्ष गुलौला
इस संबंध में जब गुलौला समिति अध्यक्ष रवि तिवारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि खाद समिति पर सप्ताह में दो ट्रक खाद मिलें तो किसानों की मांग के मुताबिक खाद वितरण हो पाएंगे, समिति के बड़े किसानों को अधिक यूरिया खाद की आवश्यकता रहती हैं,पर यूरिया खाद की कमी के कारण समिति पर छोटे के बराबर ही बड़े किसानों को खाद वितरण हो पा रही हैं,समिति अध्यक्ष होने के नाते मैने कई बार समिति के किसानों की आवाज जिले के आलाधिकारियों को मौखिक व लिखित बताई उसके बावजूद समिति में खाद की पर्याप्त भण्डारण क्षमता नहीं बढ़ाई गई जिसके कारण समिति में खाद की समस्या बरकरार है, टोकन से लेकर खाद वितरण तक किसानों को बिना जोर दबाव के किसानों को खाद वितरण की जा रही हैं अगर खाद सम्बंधित किसी भी किसना को आवश्यकता होती है मुझे व फोन कर समस्या बताते तो मेरा प्रयास रहता है कि सभी किसानों को खाद मिलें। इस संबंध में जब जिला कृषि अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिले में यूरिया की कमी नहीं है, जल्द ही राहत मिलेगी। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह पूरे मामले पर नजर बनाए रखें और कालाबाजारी पर रोक लगाएं।










































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































