राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क : श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में परमपावन कथा मे प्रातःकालीन वेला से मध्यकालीन वेला तक सभी देवी देवताओं का आवाहन, पूजन अर्चन वन्दन आदि मुख्य यजमान डॉ अरुण कुमार मिश्र व डॉ शिक्षा मिश्रा और राजीव कुमार मिश्र व प्रिया मिश्रा,श्रीमती रंजना मिश्रा व रेखा बाजपेयी,डॉ अजय मिश्रा व स्नेहलता मिश्रा जी द्वारा वैदिक मंत्रों से विद्वान आचार्यों के द्वारा कराया गया।
सायं कालीन कथा में जबलपुर म.प्र. संस्कारधानी के सिध्द संत परम् श्रधेय डॉ सत्येंद्र स्वरूप शास्त्री जी महाराज व व्यास गद्दी , मां सती शिरोमणि का पूजन,अर्चन वंदन मुख्य यजमान द्वारा किया गया। आज के पावन प्रसंग में महाराज श्री के मुखार विंदु से ध्रुव चरित्र,प्रियव्रत चरित्र. जड़ भारत की कथा को सुनते हुए बताया की आसक्ति भरत जी ने मृग से की तो मरने के बाद मृग बनना पड़ा अंत समय में जैसी मति रहती है वही जीव को गति प्राप्त होती है सद्गति चाहने वाले को अपनी मति को संभाल लेना चाहिए मति पवित्र होगी तभी जीव की सद्गति होगी
साथ ही अजामिल उपाख्यान, प्रहलाद चरित्र को सुनते हुए बताया अगर पिता कभी कोई गलती कर दे तो पुत्र का धर्म नहीं है कि पिता को अपशब्द कहे हिरणकश्यप ने प्रहलाद जी को मारने का प्रयास किया फिर भी प्रह्लाद ने भगवान से यही मांगा कि हमारे पिता की दुर्गति ना हो आज के बच्चों को भी माता-पिता का कभी अपमान नहीं करना चाहिए साथ ही गजग्राह की कथा, समुद्र मंथन , वामन अवतार ,राम अवतार की कथा के साथ ही भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा को श्रवण कराया एवं सभी भक्तों ने बड़े भाव के साथ कृष्ण जन्मोत्सव धूम धाम से मनाया
इसी के साथ भागवत जी की मंगलमय आरती के साथ चतुर्थ दिवस की कथा को विराम दिया।प्रसून बाजपेयी व अस्मिता बाजपेयी, प्रतीक बाजपेयी,जगदीश पांडेय,हर्ष राज सिंह, आदेश प्रकाश शुक्ल , संजय पांडेय, मिथिलेश पांडेय,अजय सिंह, अशोक,आनन्द, संजय, गोविंद शरण मिश्र आदि भक्तगणो ने श्रीमदभागवत कथा का रसपान किया।










































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































