राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क गोला : सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने और यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को विकास भवन स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल एवं पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक का संयोजन एवं संचालन पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड (तृतीय) के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार यादव ने किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा के मद्देनज़र ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग, ओवरहाइटिंग, सीटबेल्ट व हेलमेट के नियमित प्रवर्तन पर ज़ोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर प्रभावी चालान किए जाएं। बैठक में अब तक की प्रवर्तन कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा भी की गई। एआरटीओ शांति भूषण पांडेय ने बताया कि प्रवर्तन की कार्यवाही निरंतर जारी है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जहां सड़कें घुमावदार हैं अथवा ब्लाइंड स्पॉट हैं, वहां से 100 मीटर पूर्व चेतावनी साइनेज अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। चीनी मिलों पर वाहन प्रबंधन के लिए गन्ना अधिकारी एवं मिल प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
गन्ना परिवहन को सुरक्षित बनाने के लिए सभी चीनी मिल प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि गन्ना वाहनों पर शत-प्रतिशत लाल कपड़ा और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगवाना सुनिश्चित करें। साथ ही ग्राम स्तर पर किसानों को जागरूक कर सामग्री का वितरण कराया जाए। इसके लिए माइक्रो-प्लानिंग बनाकर धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया। सड़कों की विजिबिलिटी बनाए रखने हेतु जिलाधिकारी ने सड़क किनारे उगने वाली घास की नियमित सफाई के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को सैगिंग (झुकी हुई) विद्युत तारों की तत्काल मरम्मत के लिए सक्रिय रहने को कहा गया। अधिकारियों ने अवगत कराया कि शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब के प्रभावी क्रियान्वयन, एनसीसी एवं स्काउट-गाइड के माध्यम से जागरूकता अभियानों तथा “नो हेलमेट–नो फ्यूल” नीति को सख्ती से लागू करने पर विशेष बल दिया। संबंधित विभागों से एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सड़क दुर्घटना विश्लेषण, दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान, स्कूली वाहनों के मानक, सड़क मरम्मत, ड्रेनेज कार्य, पुल-तटबंध सुरक्षा, शहरी चौराहों पर अतिक्रमण, वाहन प्रबंधन तथा सड़क सुरक्षा मित्र एवं राजवीर योजना के प्रचार-प्रसार पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रशासनिक–निजी सहभागिता के माध्यम से ट्रॉमा सेवाओं को सुदृढ़ करने, वल्नरेबल पॉइंट से अस्पतालों की मैपिंग करने तथा एंबुलेंस रिस्पॉन्स टाइम में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मौजूद रहे। बैठक में एआरटीओ शांति भूषण पांडेय, ईई पीडब्ल्यूडी अनिल कुमार यादव, तरुणेन्द्र त्रिपाठी, के.के. झा, शुभ नारायण, सीएमओ संतोष गुप्ता, एआरएम रोडवेज लखीमपुर, एनएचएआई के अभियंता, डीआईओएस सहित जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।










































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































