
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल उद्योग बनकर उभरा है। गडकरी ने कहा कि वर्तमान में अमेरिकी ऑटोमोबाइल उद्योग का आकार 78 लाख करोड़ रुपये का है, इसके बाद चीन का 49 लाख करोड़ रुपये और भारत का 22 लाख करोड़ रुपये का स्थान है। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग ने अब तक चार करोड़ 50 लाख रोजगार सृजित किए हैं। इसके अलावा नितिन गडकरी ने भारत को विश्व की महाशक्ति बनाने की बात भी कही।केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत को एक महाशक्ति और ‘‘विश्वगुरु’’ बनाने की वकालत करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि अगर भारत हर क्षेत्र में मजबूत हो जाता है तो दुनिया निश्चित रूप से उसकी बात सुनेगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नागपुर में राष्ट्र निर्माण समिति (सामाजिक संगठन) द्वारा आयोजित ‘अखंड भारत संकल्प दिवस’ के अवसर पर एक कार्यक्रम में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। गडकरी ने कहा, ‘‘हम इस दिन को याद करते हैं क्योंकि इसी दिन 1947 में देश दो हिस्सों में बंट गया था – भारत और पाकिस्तान। हम सभी एक मिशन के रूप में स्वीकार करते हैं कि हमारे देश का विभाजन अस्वाभाविक था और एक दिन हमारा देश ‘अखंड’ हो जाएगा, यही संकल्प हम आज इस कार्यक्रम में लेते हैं।’’उन्होंने भारत की विविधता में एकता और देश के सशस्त्र बलों की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था एवं दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ-साथ ‘‘आत्मनिर्भर’’ और ‘‘विश्वगुरु’’ बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि ये सभी संकल्प हर भारतीय के प्रयासों से हासिल किए जाएंगे।उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम हर क्षेत्र में मजबूत होंगे तो निश्चित रूप से दुनिया हमारी बात सुनेगी। जो लोग अर्थव्यवस्था, रक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में मजबूत हैं और जो कृषि एवं व्यापार में प्रगति कर रहे हैं तथा जिस देश के नागरिक देशभक्त एवं सुसंस्कृत हैं, वह देश ही विश्वगुरु बन सकता है।’’गडकरी ने लोगों के बीच ‘‘अखंड भारत’’ का विचार लाने के लिए राष्ट्र निर्माण समिति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘आज जब हम ‘अखंड भारत’ का संकल्प ले रहे हैं, तो हमें एक ऐसी महाशक्ति बनने का भी संकल्प लेना चाहिए जो प्रगतिशील, समृद्ध और शक्तिशाली हो।’’ गडकरी ने सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताई और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के बारे में युवाओं के बीच जागरूकता पैदा करने के महत्व पर जोर दिया।