A Confluence of Cultures Beyond Borders – India-Nepal Friendship Festival 2026 Resonates at “Chandan Chowki” of Dudhwa Tiger Reserve
  • February 26, 2026
  • kamalkumar
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राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क  लखीमपुर खीरी : भारत और नेपाल की साझा सांस्कृतिक विरासत का अनुपम उत्सव भारत–नेपाल मैत्री महोत्सव 2026 जनपद लखीमपुर खीरी स्थित चंदन चौकी में उल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। संस्कृति–पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने सीमाओं से परे मित्रता, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत आकर्षक शोभायात्रा से हुई, जिसने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। दीप प्रज्वलन के साथ मंचीय कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। इसके बाद लोक संस्कृति की रंगीन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर जादू कला से लेकर लोक गायन और थारू लोक नृत्य तक विविध प्रस्तुतियों ने तालियों की गूंज से प्रेक्षागृह को भर दिया। हर्ष अग्निहोत्री की जादू प्रस्तुति ने आश्चर्य का वातावरण बनाया, वहीं दीपिका मिश्रा, गौरी शंकर एवं सुप्रिया भारती के लोक गायन ने समां बांध दिया। अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त राकेश उपाध्याय ने “निमिया के डार” और “होली उलरारा” जैसी मधुर प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

स्वधा मिश्रा के बधावा लोक नृत्य तथा प्रेरणा कठारिया, लक्ष्मण प्रसाद राणा एवं दुधवा थारू मयूर मंडली “निर्मला” दल की प्रस्तुतियों ने भारत–नेपाल की सांस्कृतिक निकटता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कमल राना (नेपाल भाषा विधि संयोजक), उपजिला अधिकारी (न्यायिक) पलिया आरती यादव, ब्लॉक प्रमुख पलिया वीरेंद्र शुक्ला, तहसीलदार पलिया ज्योति वर्मा, डीएसपी पलिया जितेंद्र सिंह परिहार, नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्ता, परियोजना अधिकारी कृष्ण पाल सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने भारत–नेपाल की ऐतिहासिक मित्रता को और अधिक सशक्त एवं प्रगाढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। आयोजन की संपूर्ण रूपरेखा एवं सफल क्रियान्वयन में नोडल अधिकारी अतुल द्विवेदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभाग की ओर से सूरज गौतम, वैभव विशाल, लकी सोनकर एवं अन्य कर्मचारीगण सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखा। यह महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि दो देशों के हृदयों को जोड़ने वाला सशक्त सेतु सिद्ध हुआ। उपस्थित जनसमूह ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे जनपद के लिए गौरवपूर्ण आयोजन बताया।

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