
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ । आज पूरे देश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भगवान कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा और वृंदावन में उत्सव की खास धूम देखने को मिली, जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।
मथुरा-वृंदावन में भक्ति की लहर
जन्माष्टमी के मौके पर वृंदावन में लगभग 10 लाख भक्तों की भीड़ उमड़ी। बांके बिहारी मंदिर के बाहर दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं, जहां भक्तगण अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि पर भी विशेष आयोजन किए गए। इस साल मंदिर को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की थीम पर सजाया गया, जिसमें ठाकुरजी के फूल बंगले को खास तौर पर कोलकाता और बेंगलुरु से मंगाए गए सिंदूरी फूलों से सजाया गया। ठाकुरजी की पोशाक भी आकर्षण का केंद्र रही, जिसे मथुरा के कारीगरों ने छह महीने की मेहनत से सोने और चांदी के तारों से तैयार किया। इस पोशाक में इंद्रधनुष के सात रंगों का सुंदर मेल भी देखने को मिला।
देश के अन्य हिस्सों में भी उत्साह
राजस्थान के नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव की शुरुआत सुबह मंगला दर्शन के साथ हुई, जहां ठाकुरजी को दूध, दही, घी, शक्कर और शहद से पंचामृत स्नान कराया गया। रात 12 बजे कान्हा के जन्म पर 21 तोपों की सलामी दी जाएगी, जिसके बाद ठाकुरजी को पंचामृत से स्नान करवाया जाएगा।वहीं, महाराष्ट्र के मुंबई में जन्माष्टमी के मौके पर दही हांडी का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गुजरात के द्वारिका मंदिर में भगवान द्वारिकानाथ का स्नान, अभिषेक और शृंगार आरती दर्शन का आयोजन हुआ। कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित इस्कॉन मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जो भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए उत्साहित नजर आए।