Unidentified middle-aged man found on National Highway identified after 8 days; deceased was mentally ill
  • March 13, 2026
  • kamalkumar
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राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क अज़ान खीरी : नेशनल हाईवे 730 पर 5 मार्च को अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई अधेड़ व्यक्ति की मौत के मामले में 8 दिन बाद मृतक की पहचान हो सकी। मृतक की पहचान सत्येंद्र मिश्रा उर्फ टिंकू (लगभग 50 वर्ष) पुत्र अम्बिका दत्त, निवासी वैदाखेड़ा, थाना हैदराबाद के रूप में हुई है। यह हादसा हैदराबाद थाना क्षेत्र के सराहा इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के सामने हुआ था। बताया जाता है कि सत्येंद्र मिश्रा अविवाहित थे और पिछले लगभग 10 वर्षों से उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। वह घर पर अकेले ही रहते थे और अपना खाना स्वयं बनाकर खाते थे। उनकी इस स्थिति को लेकर परिवार और गांव के लोग भी चिंतित रहते थे। मिश्रा परिवार पहले से ही कई दुख झेल चुका है। सत्येंद्र चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके सबसे छोटे भाई दीपक (दीपू) की लगभग चार वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी, जबकि पिता अम्बिका दत्त का भी करीब तीन वर्ष पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था। परिवार के दूसरे नंबर के भाई शैलेन्द्र मिश्रा और तीसरे नंबर के भाई धीरज (सीपू) मिश्रा आर्थिक तंगी के कारण गांव से बाहर नोएडा और देहरादून में निजी कंपनियों में काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, क्योंकि उनके पास खेती के लिए पर्याप्त जमीन नहीं है।

जानकारी के अनुसार, शैलेन्द्र मिश्रा 9 मार्च को नोएडा से अपने ससुर के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ससुराल मदारपुर आए थे। वहां से वह अपने पैतृक गांव वैदाखेड़ा पहुंचे। घर पहुंचने पर जब उन्हें अपने भाई सत्येंद्र घर पर नहीं मिले तो उन्होंने गांव वालों से पूछताछ की और कई स्थानों पर तलाश भी की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका।

जब काफी खोजबीन के बाद भी सत्येंद्र का कोई सुराग नहीं मिला तो शैलेन्द्र 12 मार्च को थाना हैदराबाद पहुंचे और अपने भाई की गुमशुदगी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि 5 मार्च को नेशनल हाईवे पर हुए हादसे में जिस अज्ञात व्यक्ति की मौत हुई थी, वह उनके भाई सत्येंद्र मिश्रा ही थे यह खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण शैलेन्द्र के घर पहुंचकर परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने लगे और दुख की इस घड़ी में परिजनों को ढांढस बंधाया।

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