• January 31, 2026
  • kamalkumar
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राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क  खीरी : नेपाल सीमा से जुड़े लखनऊ–गोंडा–बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित घाघराघाट का संजय सेतु एक बार फिर सुर्खियों में है। बीते दो वर्षों से लगातार तकनीकी खामियों और बार-बार मरम्मत के कारण लोगों के लिए परेशानी का कारण बने इस पुल पर अब बड़े स्तर पर रिपेयर कार्य की तैयारी की जा रही है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) से जुड़े सूत्रों के अनुसार फरवरी के दूसरे सप्ताह से मार्च तक लगभग दो महीने तक संजय सेतु पर मरम्मत कार्य प्रस्तावित है। इस दौरान छोटे-बड़े सभी वाहनों का आवागमन अस्थायी रूप से पूरी तरह बंद किया जा सकता है।

लखनऊ से कई जिलों का सीधा संपर्क टूटेगा

यदि पुल बंद होता है तो राजधानी लखनऊ से बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती समेत कई जिलों का सीधा सड़क संपर्क टूट जाएगा। अनुमान है कि प्रतिदिन 50 हजार से अधिक यात्री इससे प्रभावित होंगे। इनमें नौकरीपेशा लोग, व्यापारी, छात्र, मरीज और न्यायालय जाने वाले वकील बड़ी संख्या में शामिल हैं।

वैकल्पिक मार्ग से बढ़ेगी दूरी और खर्च

संजय सेतु बंद होने की स्थिति में यात्रियों को जरवल रोड से लगभग 60 किलो मीटर दूर चहलारी घाट हाईवे या फिर अयोध्या होते हुए लखनऊ की यात्रा करनी पड़ेगी। इससे यात्रा समय लगभग दोगुना हो जाएगा, वहीं ईंधन खर्च और किराया भी बढ़ेगा। एंबुलेंस, मालवाहक वाहन और सार्वजनिक परिवहन पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

रेल मार्ग भी बन सकता है परेशानी की वजह

स्थिति को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि फरवरी–मार्च के दौरान गोंडा–बुढ़वल रेल खंड पर तीसरी लाइन बिछाने का कार्य प्रस्तावित है। इसके चलते कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा और अनेक ट्रेनों को अयोध्या–बाराबंकी मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा। ऐसे में लखनऊ आने-जाने वाले यात्रियों को सड़क और रेल—दोनों मोर्चों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

शादी-विवाह के मौसम में बढ़ी चिंता

इसी अवधि में शादी-विवाह का मौसम भी चरम पर रहेगा। घाघरा नदी के दोनों किनारों पर बसे गांवों में अनेक वैवाहिक कार्यक्रम पहले से तय हैं। पुल बंद होने की स्थिति में बारात, मेहमानों और जरूरी सामान की आवाजाही बड़ी चुनौती बन सकती है। सामाजिक संगठनों ने ग्रामीण क्षेत्रों में अव्यवस्था की आशंका जताई है।

अस्थायी पीपी पुल और ट्रेन संचालन की मांग

बुद्धिजीवी वर्ग व सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि यदि मरम्मत के दौरान संजय सेतु पर आवागमन रोकना अनिवार्य है, तो पूर्व की तरह अस्थायी पीपी पुल का निर्माण कर यातायात बहाल किया जाए। साथ ही गोंडा से लखनऊ तक मेमो या पैसेंजर ट्रेन चलाने की मांग भी उठ रही है, जिससे मरीजों, व्यापारियों, छात्रों और अधिवक्ताओं को राहत मिल सके। डीएम से अनुमति के बाद होगा निर्णय मरम्मत कार्य को लेकर एनएचआई के इंजीनियरों की टीम द्वारा सर्वे लगभग पूरा कर लिया गया है। एनएचआई की ओर से बहराइच और बाराबंकी के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर कुछ दिनों के लिए आवागमन रोकने की अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

इस संबंध में एनएचआई के सहायक अभियंता अनंत मौर्य ने बताया,घाघराघाट संजय सेतु पर रिपेयर कार्य के लिए सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। फरवरी के दूसरे सप्ताह से काम शुरू होने की संभावना है। जिलाधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद पुल पर आवागमन अस्थायी रूप से रोका जाएगा। कुल मिलाकर संजय सेतु का बंद होना क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। अब सबकी निगाहें प्रशासन और सरकार पर टिकी हैं कि समय रहते ठोस वैकल्पिक व्यवस्था कर आमजन को राहत दी जाती है या नहीं।

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